कांग्रेस की सहयोगी पार्टी के नेता ने 'न्याय' पर उठाए सवाल, बताई फ्री में पैसे बांटने की योजना

नई दिल्ली। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह ने कांग्रेस (congress) द्वारा प्रस्तावित न्यूनतम आय योजना (Nyay) पर संदेह जताया है, हालांकि दोनों दल बिहार में चल रहे लोकसभा चुनावों में विपक्षी गठबंधन का हिस्सा हैं। वैशाली से चुनाव लड़ रहे सिंह ने इकनोमिक टाइम्स से बात करते हुए कहा कि न्याय और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA)के बीच कोई मुकाबला नहीं है। सिंह ने कहा कि, मनरेगा भोजन के लिए कार्य योजना का विस्तार था। यह पुरुषार्थ पर आधारित है (मनुष्य की खोज का उद्देश्य) जबकि न्याय किसी काम के बिना पैसे मुफ्त देने की बात करती है। जबकि न्याय में फ्री में लोगों को पैसे देना है। सिंह ने कहा कि, जब मनरेगा योजना को लागू किया गया था तो मैं यूपीएम सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री था। अगर हम फिर से सत्ता में आते हैं तो इस योजना का विस्तार किया जाएगा।

मुफ्त में कुछ भी नहीं दिया जाना चाहिए

मुफ्त में कुछ भी नहीं दिया जाना चाहिए

पांच बार के सांसद रहे रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा कि, एक प्रसिद्ध ब्रिटिश अर्थशास्त्री ने तर्क दिया है कि मुफ्त में कुछ भी नहीं दिया जाना चाहिए। मनरेगा का मूल विचार काम था। मुफ्त देना देश के हित में नहीं है। अन्य पार्टियां कुछ और मुफ्त में प्रस्ताव दे सकती हैं। मनरेगा ने बेरोजगारी की समस्या को काफी हद तक दूर किया था। देश में चल रहे लोकसभा चुनावों में कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में न्याय योजना के तहत देश के 5 करोड़ लोगों को हर महीने 6 हजार रुपए देने का वादा किया है।

इस चुनाव में भाजपा-जदयू के नेतृत्व वाले गठबंधन का सफाया हो जाएगा

इस चुनाव में भाजपा-जदयू के नेतृत्व वाले गठबंधन का सफाया हो जाएगा

गणित के प्रोफेसर सिंह ने कहा कि, आरजेडी और कांग्रेस महागठबंध ने मिलकर राज्य के एससी वोटर्स को अपने पक्ष में किया है। पांच चरणों के चुनावों में, हमने देखा है कि राज्य में अनुसूचित जाति के मतदाताओं ने जेडीयू-भाजपा गठबंधन को वोट नहीं दिया है। इस चुनाव में भाजपा-जदयू के नेतृत्व वाले गठबंधन का सफाया हो जाएगा और हमें सबसे ज्यादा सीट मिलेंगी। यह पूछे जाने पर कि क्या राजद प्रमुख लालू प्रसाद की अनुपस्थिति का पार्टी के चुनाव प्रचार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है? तो सिंह ने कहा, निश्चित रूप से, जैसा कि लालू समग्र प्रबंधन की देखरेख करते थे। लालू का मतदाताओं के साथ तालमेल है और उनका चुनाव प्रचार लोगों को याद है। उन्हें जेल में रखने की साजिश रची गई है, जबकि इसी मामले के अन्य आरोपी जमानत पर हैं।

बीजेपी-जेडीयू के पास अपने काम के बारे में बात करने के लिए कुछ नहीं

बीजेपी-जेडीयू के पास अपने काम के बारे में बात करने के लिए कुछ नहीं

सिंह ने कहा, 'बीजेपी और जेडीयू के पास अपने काम के बारे में बात करने के लिए कुछ नहीं है। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर वोट मांग रहे हैं। अगर आप किसी निर्वाचन क्षेत्र के बारे में बात करते हैं, तो वे कहते हैं कि मोदी करेंगे। बताइए - क्या मोदी वैशाली से लड़ रहे हैं? राजद नेता ने कहा कि बिहार में सरकार का दावा है कि उसके शराबबंदी कानून ने चमत्कार किया है। लेकिन वास्तविकता यह है कि शराबबंदी के नाम पर आम लोगों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन सालों में 2,50,000 लोगों को जेल में डाल दिया गया, शराब की तस्करी कई गुना बढ़ गई और राज्य में पुलिस राज है।

पढ़ें बिहार की सियासत का चुनावी गणित, जानिए किसका पलड़ा रहेगा भारी

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