OI exclusive: 2024 में पटना साहिब में बदल सकता है बीजेपी का समीकरण, क्या है चर्चा? जानिए
बीजेपी की राष्ट्रीय टीम में इस बार बिहार से सिर्फ ऋतुराज सिन्हा को ही जगह मिल पाई है। उन्हें उनके काम को देखते हुए दोबारा राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले बिहार में उनके चेहरे पर भरोसा करके पार्टी ने एक बड़ा संदेश देने की कोशिश की है। वह अभी पूर्वोत्तर में पार्टी प्रभारी के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
ऋतुराज सिन्हा बीजेपी के पूर्व राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ नेता आरके सिन्हा के बेटे हैं। वह बड़े कारोबारी हैं और उनके आरएसएस से बहुत ही घनिष्ठ संबंध रहे हैं। माना जा रहा है कि उनकी उम्र की वजह से पार्टी उन्हें दोबारा राज्यसभा नहीं भेज सकी तो इसके बदले अब उनके बेटे को लोकसभा का टिकट दिया जा सकता है।

पटना साहिब से ऋतुराज सिन्हा क्यों हो सकते हैं उम्मीदवार?
बिहार के राजनीतिक मामलों पर अच्छी जानकारी रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार अमरनाथ ने वन इंडिया से बातचीत में कहा है कि 'पटना साहिब से बीजेपी के मौजूदा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद के टिकट पर उनकी उम्र की वजह से संदेह का साया मंडरा रहा है। क्योंकि, अगले साल तक वह 70 की दहलीज पार कर लेंगे। ऐसे में पटना साहिब सीट से ऋतुराज सिन्हा बीजेपी के सबसे प्रभावशाली उम्मीदवार हो सकते हैं।'
बहुत कम उम्र से बीजेपी में निभा रहे हैं प्रभावी भूमिका
ऋतुराज सिन्हा बहुत कम उम्र से ही राजनीति में सक्रिय हैं। वह अभी काफी युवा हैं, लेकिन फिर भी 2014 के लोकसभा चुनावों से ही फ्रंटलाइन पर रहकर पार्टी की चुनावी रणनीतियां तय करते रहे हैं। इलेक्शन कैंपेन कमिटी में भी उनकी बड़ी भूमिका रही है। उनके पिता आरके सिन्हा ने 2019 के लोकसभा चुनाव में ही उन्हें पटना साहिब सीट का टिकट दिलाने की कोशिश की थी।
2019 में रविशंकर प्रसाद को मिला था मौका
लेकिन, बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की नजदीकियों की वजह से रविशंकर प्रसाद को यह सीट दी गई। तब वे केंद्र में मंत्री भी थे और उन्हें राज्यसभा के बदले लोकसभा में लाने का फैसला पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने किया था।
90 फीसदी संभावना ऋतुराज होंगे उम्मीदवार- पार्टी सूत्र
जिस तरह से बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की केंद्रीय टीम में बिहार से सिर्फ ऋतुराज सिन्हा को ही अहमियत दी गई है, उसको देखते हुए पटना में पार्टी के सूत्रों ने भी वन इंडिया से कहा है कि '90 परसेंट मानकर चलिए कि पटना साहिब से ऋतुराज ही भाजपा के उम्मीदवार होंगे। वह इस समय पार्टी के बहुत ही प्रभावशाली चेहरे हैं और भविष्य में सीएम कैंडिटेड भी हो सकते हैं।' भाजपा सूत्रों की मानें तो ऋतुराज सिन्हा एक सफल उद्यमी होने के साथ-साथ अपनी काबिलियत के दम पर पार्टी के शीर्ष नेताओं के बहुत जल्द करीब हो चुके हैं।
पार्टी नेतृत्व फैसला करेगा- ऋतुराज सिन्हा
उन्होंने बताया कि पटना की गलियों में घूम जाइए, 'तीसरी बार मोदी सरकार' वाले पोस्टर और बैनर में निवेदक के तौर पर ऋतुराज सिन्हा का ही नाम दिख जाएगा। हालांकि, वन इंडिया ने जब ऋतुराज सिन्हा से इन अटकलों पर टिप्पणी मांगी तो उन्होंने कहा, 'मैंने तो राष्ट्रीय टीम में भी दावेदारी नहीं जताई थी, लेकिन मुझे दोबारा राष्ट्रीय सचिव बनाया गया है। हमारी पार्टी में शीर्ष नेतृत्व ही तय करेगा कि वह मुझे क्या जिम्मेदारी देना चाहता है, इसके बारे में मैं क्या बता सकता हूं।'
गौरतलब है कि 2019 में रविशंकर प्रसाद पहली बार लोकसभा चुनाव लड़कर भी बड़ी जीत दर्ज की थी। वह मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में भी कद्दावर मंत्री थे और दूसरी बार भी पीएम मोदी ने उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंपी थी। लेकिन, बाद में उन्हें कैबिनेट से हटा दिया गया। वैसे अभी भी बड़े मुद्दों पर वह मीडिया में सरकार और बीजेपी का पक्ष जोरदार तरीके से रखते है।
बता दें कि पटना साहिब देश का एकमात्र लोकसभा क्षेत्र है, जहां कायस्थ मतदाता ही चुनाव में हार या जीत तय करते हैं। भाजपा के दोनों ही नेता यानी रविशंकर प्रसाद और ऋतुराज सिन्हा इसी समाज से हैं। पहले शत्रुघ्न सिन्हा यहां से बीजेपी का प्रतिनिधित्व करते थे और वे भी इसी समाज से ताल्लुक रखते हैं।












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