रिचा का कुरान बांटने से इनकार, सुब्रमण्यम स्वामी ने किया समर्थन, बोले- वो तमाम सच्चे हिंदुओं के लिए लड़ रही है
नई दिल्ली। रांची की कोर्ट ने जिस तरह से रिचा भारती को फेसबुक पर सांप्रदायिक टिप्पणी के आरोप में कुरान बांटने की शर्त पर जमानत दी है, उसके बाद से लगातार इस मसले पर हंगामा मचा हुआ है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी रिचा के समर्थन में आ गए हैं। उन्होंने ट्वीट करके रिचा को बेहतर वकील करने की सलाह दी है। उन्होंने ट्वीट करके लिखा है कि हम दूसरों के धर्मशास्त्रों को नहीं बांट सकते हैं।

मैं खुद मदद करुंगा
स्वामी ने इस पूरे मसले पर हंगामे के बीच रिचा भारती को ट्वीट करके सुझाव किया है कि मुझे उम्मीद है कि रिचा भारती इस मसले में वरिष्ठ वकील इशकरन सिंह भंडारी को संपर्क करें। इस तरह के मसलों के लिए वह बेहतरीन वकील हैं और मैं भी उनकी कोर्ट में मदद करुंगा। कुरान की प्रति को बांटने का मतलब है कि एक ऐसे गुट की विचारधारा के साथ सहमत होना जोकि काफिर और इसके परिणाम की बात करते हैं। रिचा तमाम सच्चे हिंदुओं के लिए लड़ रही हैं। हम दूसरे के धर्मग्रंथों को नहीं बांट सकते हैं।

कोर्ट के फैसले से नाखुश
बता दें कि कोर्ट के फैसले के बाद रिचा ने कहा कि यद्यपि मैं कोर्ट की इज्जत करती हूं, लेकिन मैं कोर्ट के फैसले से खुश नहीं हूं। मुझे फेसबुक पर साधारण सी पोस्ट को लेकर कुरान बांटने के लिए मस्जिद जाना पड़ेगा। अपने भगवान के बारे में लिखना कतई गलत नहीं है। रिचा ने किसी की भी भावना को आहत करने के आरोप से इनकार किया है। उसने कहा कि मैंने यह पोस्ट नहीं लिखी थी मैंने इसे बस कट, कॉपी, पेस्ट किया था। लेकिन दूसरे समुदाय के लोगों से कभी भी हनुमान चालीसा बांटने के लिए नहीं कहा गया है, यह सही नहीं है।
हाई कोर्ट में करेंगी अपील
रिचा ने कोर्ट के फैसले से नाराजगी जाहिर करते हुए रिचा ने कहा कि वह कुरान की प्रतियों को नहीं बाटेंगी। उन्होंने कहा कि वह कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगी। हालांकि रिचा को अभी तक कोर्ट के फैसले की प्रति नहीं मिली है, उनका कहना है कि कोर्ट के फैसले की प्रति मिलने के बाद वह हाई कोर्ट में अपील करेंगी।

15 दिन में बांटनी है कुरान की प्रतियां
बता दें कि आरोपी छात्रा की ओर से कोर्ट में पेश हुए वकील रामपरवेश सिंह ने कहा कोर्ट ने सशर्त जमानत दी है कि छात्रा को कुरान की एक कॉपी अंजुमान इस्लामिया को प्रशासन की मौजूदगी में देनी होगी। जबकि छात्रा चार अन्य कुरान की प्रति अलग-अलग कॉलेज व स्कूल की लाइब्रेरी को स्थानीय पुलिस के माध्यम से देगी। छात्रा को पांचो कुरान की प्रति की रसीद भी कोर्ट के भीतर 15 दिन के भीतर पेश करनी है। बता दें कि छात्रा के खिलाफ रांची के पिथोरिया पुलिस स्टेशन में फेसबुक पर आपत्तिजनक सांप्रदायिक कमेंट को लेकर केस दर्ज हुआ था।












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