कोरोना वायरस: लगातार हमलों से डॉक्टर्स एसोसिएशन में गुस्सा, अमित शाह को लिखी चिट्ठी
नई दिल्ली। फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (फोर्डा) ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को खत लिखकर उनका ध्यान देशभर में मेडिकल क्षेत्र से जुड़े लोगों पर हमलों की ओर दिलाया है। चिट्ठी में कोरोना वायरस के फैलाव के बाद डॉक्टरों से साथ मकान मालिकों, पड़ोसियं की बदसलूकी और पुलिस के खराब रवैये और मारपीट की घटनाओं को लेकर चिंता जाहिर की गई है। खत में डॉक्टरों के लिए केंद्रीय संरक्षण अधिनियम की मांग भी गृहमंत्री से की गई है।

अमित शाह के नाम इस पत्र में कई घटनाओं के बारे में भी जिक्र किया गया है। इसमें भोपाल और नोएडा के मामले के बारे में बताया गया है, जहां डॉक्टरों और दूसरे हेल्थ केयर स्टाफ से बदसलूकी के मामले हुए हैं। पत्र में कहा गया कि देश में कोरोना वायरस महामारी के लिए डॉक्टरों से लेकर बाकी अन्य हेल्थ केयर स्टाफ मजबूती से अपनी लड़ाई लड़ रहा है। बावजूद इसके आए दिन इनके साथ ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं हो रही हैं। फोर्डा इसे गैर जमानती अपराध लागू करने की मांग करती है। चिट्ठी में लिखा गया है कि डॉक्टरों के लिए केंद्रीय संरक्षण अधिनियम की भी मांग पहले भी की जा चुकी है। यह डॉक्टरों के लिए जरूरी है।
वहीं भोपाल में डॉक्टरों के साथ पुलिस की बदसलूकी पर रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने भोपाल एम्स के निदेशक को चिट्ठी लिख शिकायत की है। डॉक्टरों का आरोप है कि ड्यूटी से लौटते वक्त पुलिस ने आईडी कार्ड दिखाने के बाद भी पिटाई की है। आरोप है कि 8 अप्रैल की शाम दो डॉक्टर इमरजेंसी ड्यूटी के बाद घर लौट रहे थे। इस दौरान पुलिस ने उनकी बाइक को रोकी और आईडी कार्ड दिखाने के बावजूद उनसे मारपीट की। बता दें कि कोरोना वायरस के मामले बढ़ने के बाद लगातार देश के अलग-अलग हिस्सों से डॉक्टर, नर्स और दूसरे मेडिकल स्टाफ के साथ बदसलूकी की घटनाएं सामने आ रही हैं।












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