स्टडी- ठंडे पानी की बजाय गरम पानी से हाथ धोने से 6 गुना ज्यादा पनपते हैं कीटाणु
नई दिल्ली। जब भी हम खाना खाने जाते हैं तो सबसे पहले हैंडवॉश करते हैं। ताकि हमारे हाथों में लगे सारे जर्म्स खत्म हो जाएं। कई लोगों का मानना होता है कि गरम पानी से हाथ धाेने से ज्यादा किटाणु मरते हैं लेकिन ऐसा नहीं है। हाल ही में की गई एक शोध से पता चला है कि आप गरम पानी से हाथ धोएं या ठंडे पानी से इफेक्ट बराबर होता है। यह खेल है सिर्फ वॉटर एनर्जी का। हालांकि विज्ञान तो यहां तक कहता है कि गुनगुने पानी से हाथ धोने से बैक्टीरिया अधिक पनपने के चांसेज बढ़ जाते हैं।

शोध में इस बात का जिक्र है कि वॉटठर में इतनी एनर्जी होती है कि गरम पानी से हाथ धो हो या ठंडे पानी से हाथ धोएं कीटाणु खत्म ही होंंगे। रिसर्चर्स के मुताबिक केवल दस सेकेंड हाथ धोने से ही बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं। हालांकि यह बात भी सही है कि जब हम कोल्ड वॉटर से हाथ धोते हैं तो हमें ज्यादा असर होता है और एक सुकून भी फील होता है। वहीं साबुन की वॉल्यूम के बारे में रिसचर्स ने शोध की है। इस शोध में चकित करने वाली चीजें निकल कर सामने आई हैं। उनका कहना है कि 0.5 मिली, 1 मिली और 2 मिली साबुन के वॉल्यूम के साथ 60,79 और 100 डिग्री टेम्परेचर के पानी के साथ अगर हैंड वॉश किए जाएं तो हमला छह गुना ज्यादा बढ़ जाता है।
शोधकर्ता मानते हैं कि हैंडवॉश के मामले में आप कितने और किस तरह सोप का इस्तेमाल कर रहे हैं इसमें कोई खास अंतर नहीं देखने को मिलता है। लेकिन हां यह बात भी आपको समझने वाली है कि आप किस तरह के साबुन से हाथ धोएं ताकि माइक्रोब्स जर्म्स भी आपके हाथों से दूर रहें। शोध में कहा गया है कि यह सभी बातें पब्लिक हेल्थ के लिए समझनी बेहद जरूरी है। इसलिए वॉटर एनर्जी को पहचाने इससे पहले कि आप ठंडे और गरम पानी के चक्कर में पड़े रहें।












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