जानिए राम मंदिर पर RSS, योगी आदित्यनाथ, ओवैसी और स्वामी ने क्या कहा

राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर योगी आदित्यनाथ, आरएसएस, ओवैसी ने दी अपनी प्रतिक्रिया, स्वामी ने सुझाया समाधान

लखनऊ। राम जन्म भूमि विवाद पर आज सुप्रीम कोर्ट ने जिस तरह से इस मुद्दे पर टिप्पणी की है उसके बाद तमाम सियासी दल और मंदिर-मस्जिद के पैरोकारों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। वहीं यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का स्वागत किया है। सुब्रमण्यम स्वामी ने अपने ट्विटर हैंडल पर बताया कि उन्होंने यूपी के मुख्यमंत्री को राम मंदिर मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बारे में बताया, उन्होंने कोर्ट की टिप्पणी का स्वागत किया है।

स्वामी ने सुझाया रास्ता

स्वामी ने सुझाया रास्ता

सुब्रमण्यम स्वामी ने लिखा है कि संसद में आज यूपी के सीएम से मुलाकात हुई जहां मैंने उन्हें सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बारे में बताया, जिसका उन्होंने स्वागत किया है। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद स्वामी ने सुझाव दिया है कि राम जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर का निर्माण कराया जाना चाहिए और सरयू नदी के पास मस्जिद का निर्माण। उन्होंने कहा कि सउदी सहित कई देशों में मस्जिदों को दूसरी जगह स्थानांतरिक किया गया है और यह सिर्फ नमाज अदा करने की जगह है।

मायावती बोलीं अभी नहीं पढ़ा जजमेंट

मायावती बोलीं अभी नहीं पढ़ा जजमेंट

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि मैंने अभी माननीय सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बारे में अध्ययन नहीं किया है, जैसा आप लोग बता रहे हैं मैं भी उसके जजमेंट को देखती हूं उसके बाद अपनी प्रतिक्रिया देती हूं। वहीं कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने इस मुद्दे पर कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, ऐसे में इस बारे में कुछ भी कहना सही नहीं है, कोर्ट का जो भी फैसला होगा हमें स्वीकार होगा।

मुस्लिम कभी भी राम मंदिर के खिलाफ नहीं

मुस्लिम कभी भी राम मंदिर के खिलाफ नहीं

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर मुस्लिम पैरोकारों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है, मुस्लिम धर्मगुरु राशिद फिरंगी महली ने कहा कि हिंदुस्तानी मुसलमान कभी भी राम मंदिर के खिलाफ नहीं है, आज जो सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे पर टिप्पणी की है हम उसपर अपने वरिष्ठ लोगों से बात करेंगे और उसके बाद अपनी बात रखेंगे, वहीं एक अन्य मुस्लिम धर्मगुरु ने कहा कि भारतीय संस्कृति में सौहार्य की अपनी जगह है, फैसला दोनों पक्षों के हक में हो तो बेहतर है, इमामों और पुजारियों को असल में बैठकर बात करनी चाहिए।

ओवैसी और RSS ने भी दी अपनी प्रतिक्रिया

ओवैसी और RSS ने भी दी अपनी प्रतिक्रिया

एमआईएम के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए ट्विटर पर लिखा है कि 1992 में बाबरी मस्जिद विध्वंश के मामले में षड़यंत्र करने वाले मामले में सुनवाई के फैसले का भी इंतजार कर रहे हैं, जिसमें आडवाणी, जोशी, उमा भारती पर बाबरी मस्जिद गिराने का षड़यंत्र रचने का आरोप है। वहीं आरएसएस के सह कार्यवाहक दत्तात्रेय होसबोले ने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का स्वागत करते हुए कहा कि हम हमेशा से कोर्ट के बाहर इस मुद्दे को सुलझाने के लिए तैयार हैं।

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