रॉ को कोसने वाला पाकिस्तान अपनी गिरेबान में झांके
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) पाकिस्तान को न मालूम क्यों भारत की खुफिया एजेंसी ‘रिसर्च एंड एनालिसिस विंग' (रॉ) से खुंदक है। उसे वह अपने यहां पर होने वाली सब तरह की गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार मानता रहा।
कुछ माह पहले पेशावर में स्कूली बच्चों के कत्लेआम से लेकर अभी कुछ समय पहले कराची में इस्माइली मुसलमानों के कत्लेआम के लिए पाकिस्तान ‘रिसर्च एंड एनालिसिस विंग' (रॉ) को जिम्मेदार मान रहा है।
एक-दूसरे को मारते
हालांकि वहां पर इस तरफ कोई सोच नहीं रहा कि एक इस्लामिक देश में मुसलमान ही मुसलमान को क्यों मार रहे हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से लेकर रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ रॉ पर आतंकवाद भड़काने में शामिल होने का आरोप लगा रहे हैं।
पाक को तोड़ने की तोहमत
एक दौर में पाकिस्तान के हुक्मरान पाकिस्तान के टूटने और बांग्लादेश के बनने के लिए भी रॉ को ही जिम्मेदार मानते थे। पाकिस्तान के तमाम नेता इन दिनों कह रहे हैं कि रॉ पाकिस्तान को तबाह करने में लगा है और इसका मुकाबला करना होगा।
हालांकि ‘रिसर्च एंड एनालिसिस विंग' के एक पूर्व अधिकारी ने एक बेहद संक्षिप्त बातचीत में साफ खुलाया किया कि उनका इस तरह का कोई इरादा नहीं होता कि किसी देश में कत्लेआम हो। हां, वे उस देश की खुफिया जानकारियां तो एकत्र करते हैं।
इंदिरा गांधी और रॉ
आपको बता दें रॉ की स्थापना श्रीमती इंदिरा गांधी की पहल पर हुई थी। ये एजेंसी केन्द्र सरकार या कहें कि प्रधानमंत्री के सीधे नियंत्रण में काम करती है। इसका प्रमुख सीधे प्रधानमंत्री को रिपोर्ट करता है। इसका मुख्यालय राजधानी में सीजीओ काम्पलेक्स में है।
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में भी आतंकवाद और पृथकतावादी आंदोलन चल रहे हैं। पाकिस्तान के कई नेता कहने लगे हैं कि वहां के तथाकथित के कई नेताओं के पास भारतीय पासपोर्ट हैं।
मालूम चला है कि पाकिस्तान सेना के हालिया सम्मेलन में भी रॉ को लेकर गंभीरता से बात हुई। हालांकि पाकिस्तान भारत की खुफिया एजेंसी पर आरोप तो लगा रहा है, पर वह सबूत नहीं पाता। इससे साफ है कि वह अपनी कमियों को छिपाने के लिए ‘रिसर्च एंड एनालिसिस विंग' (रॉ) को दोष देने की कोशिश में लगे हैं।













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