Ravi Kumar Dahiya : ओलंपिक रजत पदक लाते ही फिर ट्रेनिंग में जुटे रवि दहिया, सादगी सबको बना रही दीवाना
नई दिल्ली, अगस्त 11। ओलंपिक से मेडल जीतने के बाद भारतीय खिलाड़ियों पर करोड़ों रुपयों की बरसात होती है। मानों रातों-रात जिंदगी बदल जाती है। बैंक खाते में अथाह पैसा आ जाता है। ऐसे में कई लोग सोचते होंगे कि धनकुबेर बनने के बाद ये खिलाड़ी आलिशान जिंदगी जीने, लग्जरी गाड़ी खरीदने, कोठी बनाने या फिर ओलंपिक की थकान मिटाने कहीं घूमने निकल जाते होंगे।

12* 12 के छोटे से कमरे में 4 पहलवानों के साथ रहते हैं रवि
इस मामले में टोक्यो ओलंपिक 2020 से 57 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती में रजत पदक जीतकर लौटे पहलवान रवि कुमार दहिया की कहानी सबसे जुदा और ओलंपिक में जाने का ख्याब देखने वाले हर खिलाड़ी के लिए प्रेरणादायी है। टोक्यो ओलंपिक में रजत पदक जीतने के बाद रवि दहिया की जिंदगी कितनी बदली? इस सवाल का जवाब तलाशते हुए वन इंडिया हिंदी की टीम दिल्ली के छत्रशाल स्टेडियम पहुंची तो वहां के हॉस्टल में बेहद साधारण से 12 बाई 12 के एक कमरे में 4 साथी पहलवानों के साथ रह रहे रवि दहिया को देख एक बार तो अजीब लगा, मगर फिर खुद रवि दहिया ने अपनी सादगी और हौसलों की पूरी कहानी बयां की तो वहां मौजूद हर शख्स उन पर गर्व करता दिखा।
'पिता के संघर्ष को नहीं भूल सकता'
दिल्ली के छत्रशाल स्टेडियम ने देश को एक से बढ़कर एक ओलंपियन दिए है। सुशील कुमार, योगेश्वर दत्त और अब इस लिस्ट में एक और सितारा जुड़ गया है। टोक्यो ओलंपिक में पुरुषों के 57 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती में सिल्वर मेडल जीतकर अपनी ताकत और तकनीक का लोहा मनवाने वाले रवि कुमार दहिया जब 10 साल के थे, तभी उनके पिता राजेश दहिया ने उन्हें छत्रशाल स्टेडियम में ट्रेनिंग के लिए भेज दिया गया, लेकिन पिता का मन कहां मानता, रोज दूध-दही, मक्खन दने के बहाने हरियाणा के नाहरी गांव से दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम पहुंच जाते।
जब तक गोल्ड नहीं ले आता, चैन से नहीं बैठूंगा
बेटे रवि ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी। कुश्ती का हर दांव-पेंच सीखा, ट्रेनिंग के हर सेकेंड का इस्तेमाल किया और ओलंपिक मुकाबले में अपनी ताकत के साथ-साथ कुश्ती के सही तकनीक का भी परिचय दिया। रवि दहिया ने साबित कर दिया वो मेडल के लिए ही बने हैं। अपने पहले ओलंपिक में ही उन्होंने सिल्वर मेडल अपने नाम कर दिया,हालांकि रवि अपने इस प्रदर्शन ने खुद खुश नहीं दिख। हमने जब उनसे इस बारे में पूछा तो उनका जवाब तो बस यही था कि जब तक सोना नहीं लाता, चैन से नहीं बैठूंगा। यकीन मानिए ओलंपिक खेलकर देश लौटने के बाद रवि चैन से नहीं बैठे हैं। मीडिया, फैंस, प्रशंसकों की भीड़ से निकलकर रवि एक बार फिर से छत्रसाल स्टेडियम के कुश्ती के अखाड़े में पहुंच गए हैं।
मेडल के बाद पैसों की बरसात, लेकिन सादगी दिल जीत लेगी
मेडल जीतने के बाद रवि पर इनामों की बरसात हुई, लेकिन ये पहलवान तो बस अपनी धुन में जुटा है। छत्रशाल स्टेडियम के हॉस्टल में बेहद साधारण से 12 बाई 12 के कमरे में रवि अपने 4 पहलवान साथियों के साथ उसी तरह से रह रहे हैं, जैसे ओलंपिक मेडल जीतने से पहले रह रहे थे। साथी भी कहते हैं कि देश के नाम ओलंपिक मेडल जीतने के बाद भी रवि के स्वभाव में कोई बदलाव नहीं आया है। वो कम बोलते हैं, हरिय़ाणी बोली भी उस मिठास से बोलते हैं कि आप का दिल पिघल जाए। रवि के दोस्तों ने बताया कि जब वो मेडल जीतकर आए हैं तो मीडिया का आना-जाना बढ़ गया, इसलिए दो-तीन पहले ही कमरे में एक एसी लगाया गया। कमरे की रंगाई-पुताई की गई है। कमरा पूरी तरह से पक्का भी नहीं है। एक बड़ी और एक छोटी चौकी लगी है। दीवार पर देश का तिरंगा लगा है। कमरे में बैठने को कुर्सी भी नहीं है। जब हम वहां पहुंचे तो उनके दोस्तों ने बगल के कमरे से कुर्सी लाकर हमें दिया। एक के बाद एक कमरे बने हैं। बाहर एक कॉमल नल लगा है, जहां सब अपनी बारी आने पर नहाने-धोने का काम करते हैं। हालांकि रवि को इन सबका कोई फर्क पड़ता नहीं दिखा, वो अपना अधिकांश समय ट्रेनिंग में बता रहे हैं। इस कमरे को लेकर भी एक रोचक बात है। जिस कमरे में आज रवि अपने 4 साथी पहलवानों के साथ रह रहे हैं, उसी कमरे में पूर्व ओलंपिक मेडल जीतने वाले योगेश्वर दत्त भी रहते थे। रवि ने बताया कि योगेश्वर दत्त उनके काफी करीबी रहे हैं। उनसे उन्हें काफी कुछ सीखने को मिला है।
रवि का प्लान तैयार
रवि दहिया के साथ आज मुलाकात के दौरान उनकी सादगी देख हम दंग रह गए। ऐसा लगा जैसे उन्हें पैसे, ऐशोआराम, सुख-सुविधाओं से कोई मतलब नहीं। क लक्ष्य को लेकर वो बस आगे बढ़ते जा रहे हैं। वो चाहे तो तमाम सुख-सुविधाओं वाली जिंदगी जी सकते हैं, लेकिन उन्होंने तय कर लिया है, जब तक देश को सोना( 2024 ओलंपिक गोल्ड मेडल) लाकर नहीं देंगे, चैन से नहीं बैठेंगे। उनकी आंखों में तेज हमने महसूस किया। रवि ने स्टेट बाय स्टेप बढ़ने की प्लानिंग भी कर ली है।
-
Gold Rate Today: गुड फ्राइडे पर सोने में बड़ी गिरावट! ₹4245 गिरे दाम, दिल्ली से पटना तक ये है 22K, 18K के रेट -
US Pilot कौन है, जिसे F-15E विमान मार गिराने के बाद ईरान की IRGC ने दबोचा? पेंटागन चुप क्यों? -
'जो डर गया, समझो मर गया'- Raghav Chadha को लेकर AAP ने खोला मोर्चा, आतिशी-सौरभ भारद्वाज ने गिनवाईं गलतियां -
Silver Rate Today: चांदी क्रैश, एक झटके में ₹10,901 सस्ती, अब इस दाम पर बिक रहा है 100 ग्राम,1kg सिल्वर -
IPL 2026: 'धोनी के साथ मेरा रिश्ता एक दाग', कौन हैं Lakshmi Rai जिसने MS संग रिलेशन को बताया जिंदगी की गलती? -
Weather: दिल्ली में अगले 72 घंटे भारी, नोएडा-गुरुग्राम के लिए भी IMD का अलर्ट, चेक करें अपने इलाके का मौसम -
Seema Haider Kids: सीमा हैदर ने छठी औलाद का रखा ऐसा नाम, पाकिस्तान को लगेगी मिर्ची! 5 बच्चों की क्या पहचान? -
BJP लिस्ट से बाहर ‘सिंघम’ Annamalai! क्यों नहीं मिला टिकट? ‘साउथ फेस’ गायब होने के पीछे ये है अंदर की कहानी -
IPL के बीच स्टार क्रिकेटर की एक्स-गर्लफ्रेंड गिरफ्तार, महंगी पड़ी 9 लाख की गोल्ड चैन! कहा- मुझसे गलती हो गई -
Mumbai Gold Silver Rate Today: 'गुड फ्राईडे' पर सोना-चांदी ने किया हैरान, कहां पहुंचा मुंबई में भाव? -
'खामोश करवाया गया हूं', राघव चड्ढा का बड़ा बयान, AAP में दरार आई खुलकर सामने! क्या अब BJP में जाएंगे MP? -
'मैंने पापा से कहा था ये ठीक नहीं है', युवराज सिंह ने क्रिकेट के दो दिग्गजों से क्यों मांगी माफी?












Click it and Unblock the Notifications