AIIMS के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया का बयान, बच्चों की वैक्सीन आने पर ही खोले जा सकते हैं स्कूल
नई दिल्ली, जून 27। देश में कोरोना की संभावित तीसरी लहर के खतरे के बीच बच्चों की वैक्सीन का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है, क्योंकि एक्सपर्ट ने तीसरी लहर में बच्चों के अधिक संक्रमित होने का दावा किया है। ऐसे में तीसरी लहर के आने से पहले हमारे वैज्ञानिक और डॉक्टरों की कोशिश यही है कि बच्चों की वैक्सीन आ जाए। इस बीच एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि सितंबर के बाद देश में बच्चों की वैक्सीन उपलब्ध होने की संभावना है।

कोवैक्सीन के ट्रायल के नतीजे सितंबर तक आने की उम्मीद
पीटीआई से बातचीत में गुलेरिया ने बताया है कि कोवैक्सीन के 2 से 18 साल के बच्चों पर किए गए दूसरे और तीसरे फेज के ट्रायल के नतीजे सितंबर तक आने की उम्मीद है। ऐसे में बच्चों की वैक्सीन को सितंबर के बाद ही मंजूरी मिलने की संभावना है। रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि बच्चों के लिए कोरोना वैक्सीन उपलब्ध कराना एक मील का पत्थर साबित हो रहा है और ये भी तय है कि वैक्सीन उपलब्ध होने के बाद ही बच्चों के लिए स्कूलों को खोलने का रास्ता साफ हो पाएगा।
जायडस और फाइजर के टीके को भी मिल सकती है मंजूरी
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गुलेरिया ने कहा है कि अगर सितंबर से पहले फाइजर के टीके को मंजूरी मिल गई तो ये एक अच्छा विकल्प होगा। सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, दवा निर्माता कंपनी जायडस कैडिला के भी भारत के औषधि महानियंत्रण के समक्ष अपने कोविड-19 रोधी टीके 'जायकोव-डी' के आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी के लिये आवेदन किए जाने की उम्मीद है। कंपनी का दावा है कि इसे वयस्कों और बच्चों दोनों को दिया जा सकता है।












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