Ram Temple: 'सब लोग बिस्तर गोल करके बैठ जाइए...': राहुल के बयान पर हरियाणा के सीएम खट्टर ने ऐसा क्यों कहा?
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अयोध्या में भगवान राम लला के प्राण प्रतिष्ठा के निमंत्रण पर कांग्रेस के स्टैंड को लेकर जोरदार तंज कसा है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के इसे 'बीजेपी-आरएसए का कार्यक्रम' बताने के लिए भी उन्हें लपेट लिया है।
खट्टर ने कहा है कि सभी को बोरिया-बिस्तर समेट लेना चाहिए, क्योंकि देश की जनता बीजेपी के साथ है। दरअसल, कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व समेत कई दलों के नेताओं ने इस कार्यक्रम का बहिष्कार किया है, जिसके बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री ने उन सबको आड़े हाथों लिया है।

यह बीजेपी का युग है-मनोहर लाल खट्टर
अंबाला में मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा है, 'उनके (कांग्रेस) पास पास कुछ भी नहीं है। इन दिनों प्रत्येक दिन और साल बीजेपी का है और यह बीजेपी का युग है।'
'बीजेपी के युग में सब लोग बिस्तर गोल करके बैठ जाइए'
उन्होंने आगे कहा, 'इसलिए, बीजेपी के युग में सब लोग बिस्तर गोल करके बैठ जाइए। जनता बीजेपी के साथ है।' बता दें कि कांग्रेस नेताओं मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी समेत विपक्षी इंडिया ब्लॉक के कई नेताओं ने भगवान राम लला के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह को 'बीजेपी-आरएसएस' का कार्यक्रम बताकर इसका बहिष्कार करने का फैसला किया है।
राहुल ने प्राण-प्रतिष्ठा समारोह को कहा 'राजनीतिक कार्यक्रम'
वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने तो कई कदम और आगे बढ़ते हुए मंगलवार को अपनी 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' के दौरान 22 जनवरी को अयोध्या में पवित्र राम जन्मभूमि पर आयोजित प्राण प्रतिष्ठा समारोह को 'राजनीतिक कार्यक्रम' तक बता दिया है।
उन्होंने कहा कि अयोध्या में 22 जनवरी को राम मंदिर वाला कार्यक्रम 'पूरी तरह से नरेंद्र मोदी का राजनीतिक कार्यक्रम है' और कांग्रेस नेताओं के लिए 'ऐसे राजनीतिक कार्यक्रमों में जाना, जो भारत के प्रधानमंत्री और आरएसएस के ईर्द गिर्द डिजाइन की गई है' मुश्किल है।
राहुल गांधी ने अपनी यात्रा के दौरान एक प्रेस कांफ्रेंस में कुछ शंकराचार्यों की इस मसले पर कथित विचारों का भी उदाहरण देने की कोशिश की थी।
नरेंद्र मोदी का राजनीतिक कार्यक्रम बना दिया-राहुल
केरल के वायनाड से कांग्रेस सांसद के मुताबिक, 'आरएसएस और बीजेपी ने 22 जनवरी के कार्यक्रम को पूरी तरह से नरेंद्र मोदी का राजनीतिक कार्यक्रम बना दिया है। यह आरएसएस-बीजेपी का कार्यक्रम है और मैं समझता हूं कि इसी वजह से कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा है कि वे उस कार्यक्रम में नहीं जाएंगे।'
उन्होंने कहा, 'हम सभी धर्मों और प्रथाओं के लिए खुले हैं। हिंदू धर्म के अथॉरिटीज, हिंदू धर्म के सबसे बड़े अथॉरिटीज ने अपनी राय सार्वजनिक की है कि वे 22 जनवरी के कार्यक्रम के बारे में क्या सोचते हैं, कि वह एक राजनीतिक कार्यक्रम है। इसलिए ऐसे राजनीतिक कार्यक्रम में जाना मुश्किल है, जो कि प्रधानमंत्री और आरएसएस के लिए तैयार किया गया है। '
वैसे बता दें कि खुद कांग्रेस में पार्टी के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के बहिष्कार करने के फैसले का जोरदार विरोध शुरू हो चुका है। गुजरात में तो इसकी वजह से नेताओं का पार्टी से पलायन भी शुरू हो चुका है।












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