Ram Mandir Controversy: '500 साल बाद मनुवाद की वापसी', कांग्रेस के इस बयान पर BJP का हनुमान चालीसा से पलटवार
Ram Mandir Inauguration Controversy: 22 जनवरी को इतिहास के पन्नों में एक नया अध्याय जुडने वाला है। इस दिन रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह का आयोजन है। इस अवसर पर विपक्षी गुट के नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है। हालांकि, अभी तक विपक्षी नेताओं ने समारोह में शामिल होने को लेकर सहमति नहीं जताई है।
इस बीच, लगातार समारोह को लेकर राजनीति शुरू हो चुकी है। इसी कड़ी में कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि मतलब पांच सौ वर्ष बाद मनुवाद की वापसी हो रही है। एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर उदित राज ने आगे बीजेपी सरकार को घेरते हुए कहा कि हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि 'शूद्रों' का काम ब्राह्मणों, क्षत्रियों और वैश्यों की सेवा करना है। जब हमने उनसे पूछा कि उनका इरादा क्या है? तो उन्होंने डिलीट कर दिया (ट्वीट) और भाग गए। आगे कहा कि ये लोग दलितों पिछड़ो के हक का विरोध करते हैं, नौकरियां खत्म कर दी, इनको शासन प्रशासन से बाहर कर रहे है। यहीं तो है मनुवाद।

BJP का हनुमान चालीसा से पलटवार
उधर, केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने पलटवार करते हनुमान चालीसा की दो पंक्तियां पेश की है। कहा कि पंक्ति दोहराउंगी, 'बुद्धिहीन तनु जानिके सुमिरो पवन कुमार बल बुद्धि विद्या देहु मोहि हरहु कलेश विकार', तो सबके मन के कलेश और विकार ईश्वर दूर करे इसी की प्रार्थना है।
संजय राउत ने बीजेपी को घेरा
आपको बता दें कि इससे पहले, शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने भी प्राण प्रतिष्ठा के मामले पर बीजेपी पर निशाना साधा है। कहा कि अब बीजेपी की ओर से 22 जनवरी को ऐलान होगा कि हम प्रभु श्री राम को चुनाव में खड़ा कर रहे हैं, सिर्फ यही बाकी रह गया है। राम जी के नाम पर इतनी राजनीति हो रही है कि सिर्फ यही कहना बाकी है कि हमारे उम्मीदवार श्री राम होंगे।












Click it and Unblock the Notifications