राम मंदिर के शिलान्यास पर RSS प्रमुख मोहन भागवत बोले-यह एक नए भारत की शुरुआत है
अयोध्या। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अयोध्या में राम मंदिर का भूमि पूजन किया है। पीएम मोदी ने अयोध्या पहुंच हनुमानगढ़ी में पूजा की, जिसके बाद उन्होंने रामलला के दर्शन किए। भूमि पूजन के दौरान मोहन भागवत, योगी आदित्यनाथ समेत अन्य कुछ मेहमान शामिल रहे। पूजन के बाद में मंदिर के शिलान्यास कार्यक्रम में बोलते हुए आरएसस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि, आज आनंद का क्षण है, एक संकल्प लिया था। तब के संघप्रमुख देवव्रत जी ने कहा था कि 20-30 साल काम करना होगा, तब ये काम करना होगा।
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मोहन भागवत ने कहा कि, आज 30वें साल की शुरुआत में काम शुरू हुआ है। कई लोग महामारी के कारण नहीं आ पाए, लालकृष्ण आडवाणी जी भी नहीं आ पाए हैं। देश में अब आत्मनिर्भर बनाने की ओर काम जारी है, आज महामारी के बाद पूरा विश्व नए रास्तों को ढूंढ रहा है। जैसे-जैसे मंदिर बनेगा, राम की अयोध्या भी बननी चाहिए। हमारे मन में जो मंदिर बनना चाहिए और कपट को छोड़ना चाहिए।
भागवत ने कहा कि, पुरुषार्थ का भाव हमारे रग-रग में है। भगवान राम का उदाहरण है। सब राम के हैं और सबमें राम हैं। यह सभी भारतवासियों के लिए है। कोई अपवाद नहीं है। अब भव्य राम मंदिर बनेगा। मंदिर के पूर्ण होने से पहले हमारा मन मंदिर पूरा होना चाहिए। हृदय भी राम का बसेरा होना चाहिए। इसलिए सभी द्वेष, विकार, भेदों को तिलांजलि देकर संपूर्ण जगत को अपनाने की क्षमता रखने वाला मनुष्य होना चाहिए।
आरएसएस प्रमुख ने कहा कि, इतने सारे लोगों ने बलिदान दिया था, वे शारीरिक रूप से यहां नहीं हो सकते थे। कुछ ऐसे हैं जो यहां नहीं आ सकते हैं, कुछ ऐसे हैं जिन्हें आना चाहिए था। लेकिन स्थिति के कारण आमंत्रित नहीं किया जा सकता। हम वसुधैव कुटुंबकम में विश्वास रखने वाले लोग हैं। यह एक नए भारत की शुरुआत है।












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