Ram Mandir: 5 करोड़ श्रद्धालु, यूं तो दुनिया के सभी पर्यटन स्थलों को पीछे छोड़ देगा अयोध्या धाम!
अयोध्या में भगवान राम लला के प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही यह नगरी दुनिया के नंबर एक पर्यटन स्थल बनकर उभरने की रेस में जुट गयी है। एक फाइनेंस कंसल्टेंट कंपनी के अनुमान के मुताबिक बहुत जल्द अयोध्या धाम में हर साल 5 करोड़ तक तीर्थयात्री पहुंच सकते हैं।
अगर भारत की बात करें तो अमृतसर में स्वर्ण मंदिर और आंध्र प्रदेश में तिरुपति भगवान बालाजी मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए प्रति वर्ष करोड़ों श्रद्धालु पहुंचते हैं। लेकिन, जल्द ही अयोध्या इन सबको पीछे छोड़ने जा रही है।

अचानक विश्व पर्यटन के नक्शे पर आई अयोध्या
इसकी वजह ये है कि अयोध्या में भगवान राम लला के मंदिर बनने के साथ ही साथ यहां के इंफ्रास्ट्रक्चर का कायापलट कर दिया गया है। जो अयोध्यानगरी कभी उत्तर प्रदेश के टूरिज्म सर्किट से भी दूर थी, वह अब पूरी दुनिया के पर्यटन नक्शे पर आ चुकी है।
1,000 करोड़ डॉलर के संभावित खर्च से कायापलट-रिपोर्ट
ब्रोकरेज जेफरीज की रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि इस कायापलट के पीछे अयोध्या के विकास पर हुआ संभावित 1,000 करोड़ डॉलर का खर्च है।
इतना बड़ा खर्च अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण के साथ-साथ रेलवे स्टेशन का पुनर्निर्माण, शहर में नई टाउनशिप का विकास और रोड कनेक्टिविटी में आमूलचूल परिवर्तन शामिल है।
इसके साथ ही कई सारे नए होटलों का निर्माण हो रहा है और शहर में आर्थिक गतिविधियों में भी अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है। इसी आधार पर रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 'इसके चलते यह प्रति वर्ष 5 करोड़ पर्यटकों को खींच सकती है।'
अभी स्वर्ण मंदिर और तिरुपति मंदिर हैं श्रद्धालुओं के लिए सबसे लोकप्रिय
इस समय देश में अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर में दर्शन के लिए हर साल अनुमानित 3 से 3.5 करोड़ श्रद्धालु पहुंचते हैं। वहीं तिरुपति मंदिर में भगवान बालाजी के दर्शन के लिए भी प्रति वर्ष अनुमानित 2.5 से 3 करोड़ तीर्थयात्री पहुंते हैं।
मक्का और वेटिकन सिटी तो पहले ही हैं रेस में पीछे
वहीं अगर दुनिया में धार्मिक पर्यटन को आधार मानें तो सऊदी अरब के मक्का में सबसे ज्यादा तीर्थ यात्री पहुंचते हैं, लेकिन उनकी भी संख्या करीब 2 करोड़ तक ही सीमित रह जाती है। जबकि, दुनियाभर के ईसाइयों के सबसे प्रमुख धर्म स्थल वेटिकन सिटी में लगभग 90 लाख श्रद्धालु ही हर साल जा पाते हैं।
भारत में धार्मिक पर्यटन है नंबर-1
रिपोर्ट के मुताबिक भारत में आज भी धार्मिक पर्यटन का टूरिज्म सेक्टर में सबसे बड़ा योगदान है। इसके मुताबिक 'इंफ्रास्ट्रक्चर की तंगी के बावजूद अभी भी कई लोकप्रिय धर्म स्थल सालाना 1 से 3 करोड़ धार्मिक सैलानियों को आकर्षित करते हैं।'
भारत में पर्यटन क्षेत्र में तेजी स हो रहा है विकास
इसके अनुसार कोविड महामारी से पहले वित्त वर्ष 2019 में देश की जीडीपी में पर्यटन का हिस्सा 19,400 करोड़ डॉलर था। 8% के वार्षिक चक्रवृद्धि वृद्धि दर ( CAGR) के आधार इसके वित्त वर्ष 2033 तक 44,300 करोड़ डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।
जीडीपी में पर्यटन की हिस्सेदारी में भारत अभी भी पीछे है
इसी में यह भी बताया गया कि भारत में अभी भी जीडीपी में पर्यटन की हिस्सेदारी सिर्फ 6.8% है, जो कि दुनिया की अधिकतर विशाल उभरती हुई या विकसित अर्थव्यवस्थाओं से पीछे है।
देश में पर्यटन के लिए चमत्कार साबित हो सकता है अयोध्या धाम
ऐसे में संभावना है कि अयोध्या धाम आने वाले समय में देश के पर्यटन क्षेत्र के लिए चमत्कार साबित हो सकता है। क्योंकि, जिस शहर का अबतक पर्यटन के क्षेत्र में लगभग न के बराबर योगदान था, वह अचानक दुनिया में नंबर एक की दौड़ में लग चुका है।












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