राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा ने किया गांधीजी पर पत्रकार विवेक शुक्ला की पुस्तक का विमोचन
नई दिल्ली। राज्य सभा सांसद आरके सिन्हा ने रविवार को 'गांधीजी दिल्ली- अप्रैल 12, 1915 - जनवरी 30, 1948 एंड वियोंड' पुस्तक का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ये सुखद है कि जब हम बापू की 150वीं जन्मशती मना रहे हैं, तब उनके दिल्ली में व्यतीत समय और उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाओं पर नए तथ्यों के साथ एक पुस्तक आई है।

इस मौके पर, लेखक विवेक शुक्ला ने कहा कि उन्होंने 'गांधीजी दिल्ली- अप्रैल 12, 1915 - जनवरी 30, 1948 एंड वियोंड' में बहुत से आधारहीन दावों को ध्वस्त करने की कोशिश की है। जैसे कि ये माना जाता रहा है कि महात्मा गांधी ने भगत सिंह को फांसी के फंदे से बचाने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए। ये सरासर मिथ्या आरोप है। तथ्य ये है कि वे भगत सिंह को बचाने के लिए लॉर्ड इरविन से बार-बार मिले। उन्होंने एडवर्ड पार्क ( अब सुभाष पार्क) में एक सार्वजनिक सभा भी की ताकि गोरी सरकार पर दबाव बनाया जा सके। इस पर पुस्तक एक लंबा अध्याय है।
'गांधीजी दिल्ली- अप्रैल 12, 1915 - जनवरी 30, 1948 एंड वियोंड' में महात्मा गांधी की पहली दिल्ली यात्रा, उनके यहां बाबा साहेब के साथ संबंधों, उनकी जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी और फिक्की की स्थापना में भूमिका, उनके बिड़ला मंदिर और हाजी बख्तियार काकी की दरगाह में जाने की अहम वजहों, राजघाट के बनने की कहानी वगैरह का भी विस्तार से खुलासा किया गया है। उन्होंने कहा कि इस पुस्तक का अधिक विस्तृत हिन्दी संस्करण भी शीघ्र ही बाजार में आ जाएगा। गांधीवादी चिंतक और चिपको आंदोलन के प्रणेता सुंदर लाल बहुगुणा ने इस पुस्तक की भूमिका लिखी है। वे महात्मा गांधी की हत्या से एक दिन पहले उनसे मिले भी थे।












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