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राज्यसभा चुनाव: यूपी में ‘हाई वोल्टेज ड्रामा’ जारी

By Bbc Hindi
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    उत्तर प्रदेश में राज्य सभा की दसवीं सीट के लिए पिछले दो दिन से चल रहा नाटकीय घटनाक्रम अब अपने क्लाइमेक्स पर नज़र आ रहा है.

    इस सीट के लिए बीएसपी और बीजेपी आमने-सामने हैं और दोनों ही दल अपने सहयोगी दलों के अलावा निर्दलीय विधायकों के भरोसे अब तक दम भरे हुए हैं.

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    राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग

    बीएसपी उम्मीदवार भीमराव आंबेडकर समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और राष्ट्रीय लोकदल के विधायकों के अलावा कुछेक निर्दलीय विधायकों के वोट की उम्मीद लगाए हुए हैं.

    फ़िलहाल उनकी अपनी पार्टी के एक विधायक अनिल सिंह ने ऐलान कर दिया कि उन्होंने 'अपना वोट भारतीय जनता पार्टी को दे दिया है'.

    निषाद पार्टी के विजय मिश्र गुरुवार से ही कह रहे थे कि वो बीजेपी को वोट देंगे और उन्होंने ऐसा ही किया भी. समाजवादी पार्टी के एक विधायक नितिन अग्रवाल पहले भी बीजेपी के खेमे में जा चुके हैं.

    क्रॉस वोटिंग को लेकर सभी दल आशंकित थे. शायद इसीलिए कांग्रेस के सात और बीएसपी के 17 विधायकों ने एक साथ जाकर मतदान किया.

    बीएसपी के मुख़्तार अंसारी और सपा विधायक हरिओम हाईकोर्ट के निर्देश के चलते वोट नहीं दे पा रहे हैं. ताज़ा जानकारी के अनुसार समाजवादी पार्टी के भी आठ विधायक बीएसपी उम्मीदवार को वोट दे चुके हैं.

    रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया
    Getty Images
    रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया

    राजा भैया को लेकर सस्पेंस

    समाजवादी पार्टी को एक बड़ी राहत उस वक़्त मिली जब निर्दलीय विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ़ राजा भैया ने अपना मत सपा को ही देने का एलान किया.

    उनके पास एक और निर्दलीय विधायक का समर्थन है, लेकिन इसे वो बीएसपी को दिलाएंगे, ये उन्होंने साफ़ नहीं किया है. वहीं राष्ट्रीय लोकदल के एक विधायक ने भी बीएसपी के उम्मीदवार को ही वोट दिया है.

    वोटों के अंकगणित के हिसाब से देखें तो भारतीय जनता पार्टी के नवें उम्मीदवार को जीतने के लिए जरूरी 37 में से 32 विधायकों का समर्थन मिल गया है और अब उसे सिर्फ़ पांच विधायकों का वोट और चाहिए.

    आंबेडकर की राह में बीजेपी का पेंच

    वहीं बीएसपी उम्मीदवार आंबेडकर के कुल 33 मत हो रहे हैं और उन्हें जीत के लिए अभी भी चार विधायकों के मतों की ज़रूरत है.

    यदि प्रथम वरीयता के आधार पर जीत हार तय नहीं होती तो दूसरी वरीयता के आधार पर फ़ैसला होगा और उस स्थिति में सबसे ज़्यादा विधायक होने के नाते बीजेपी उम्मीदवार का पलड़ा भारी पड़ेगा.

    मतदान चार बजे तक चलेगा और फिलहाल दोनों पक्ष अपनी जीत के दावे कर रहे हैं, इसलिए मुक़ाबला और रोमांचक हो चला है.

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    BBC Hindi
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    English summary
    Rajya Sabha Elections Release of High Voltage Drama in UP

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