राज्यसभा में 19 सीटें हुईं खालीं, NDA के पास नहीं रहा बहुमत, कैसे पास होगा बजट?
बजट सत्र शुरू होने वाला है और राज्यसभा में सरकार के पास बहुमत नहीं रह गया है। शनिवार को ऊपरी सदन से 4 मनोनीत सदस्यों के रिटायरमेंट के साथ ही इस समय राज्यसभा की 19 जगह खाली हो चुकी हैं।
राज्यसभा के जिन 4 मनोनीत सदस्यों का कार्यकाल शनिवार को खत्म हुआ है, वे सभी केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार की सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी से जुड़े हुए थे। इसलिए भाजपा के सदस्यों की संख्या राज्यसभा में 90 से घटकर अब सिर्फ 86 रह गई है।

राज्यसभा में अभी सिर्फ 226 सदस्य
राज्यसभा की कुल 245 सीटों में अभी सिर्फ 226 ही सदस्य हैं। 4 मनोनीत सदस्यों समेत कुल 19 सीटें खाली हैं। इनमें से 11 सीटों पर आने वाले समय में चुनाव होने हैं। जबकि, चार सीटों पर राष्ट्रपति को नए सदस्यों का मनोयन करना है। जम्मू-कश्मीर की 4 सीटें पहले से ही रिक्त हैं।
एनडीए के पास सिर्फ 101 सांसद, बहुत से बहुत पीछे सरकार
इस तरह से ऊपरी सदन की 226 सीटों में से बीजेपी के 86 सदस्यों को मिलाकर एनडीए के पास अभी सिर्फ 101 सांसद रह गए हैं और यह बहुमत के जादुई आंकड़े से काफी पीछे है। ऐसे में बजट सत्र के दौरान आने वाले विधेयकों को राज्यसभा से पास करवाना मोदी सरकार के लिए एक चुनौती हो सकती है।
सात बाकी मनोनीत सदस्य किसी भी दल से संबद्ध नहीं
शनिवार को जो मनोनीत सदस्य राज्यसभा से रिटायर हुए हैं, उनमें राकेश सिन्हा, राम शकल, सोनल मानसिंह और महेश जेठमलानी शामिल हैं। सात मनोनीत सदस्यों ने किसी भी दल की सदस्यता नहीं ली हुई है यानी वे असंबद्ध सदस्य हैं। बता दें कि केंद्र सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति कुल 12 सदस्यों को राज्यसभा के लिए मनोनीत करते हैं।
10 सीटें सदस्यों के लोकसभा के लिए चुने जाने से हुईं खाली
अभी राज्यसभा की जो कुल 19 सीटें खाली हैं, उनमें से 11 पर आने वाले दिनों में चुनाव करवाए जाने हैं। जिन 11 सीटों पर चुनाव होने हैं, उनमें 10 सीटें पिछले महीने इनके सदस्यों के लोकसभा का चुनाव जीतने की वजह से खाली हुई हैं। जबकि, 11वें सदस्य बीआरएस के के केशवर राव थे, जिन्होंने संसद से इस्तीफा देकर कांग्रेस की सदस्यता ली है।
11 में से 8 सीटें एनडीए और 3 सीटें इंडिया ब्लॉक को मिलने की संभावना
वैसे आने वाले समय में जिन 11 सीटों पर चुनाव होने वाले हैं, उनमें से मौजूदा परिस्थितियों में एनडीए को 8 सीटें मिलने की संभावना है, जबकि बाकी 3 सीटें इंडिया ब्लॉक के खाते में जा सकती हैं, जिनमें से तेलंगाना की केशव राव वाली खाली हुई सीट भी शामिल है।
इसके साथ ही राज्यसभा में कांग्रेस के सदस्यों की संख्या 27 हो सकती है और उसकी प्रतिपक्ष के नेता वाली कुर्सी थोड़ी और सुरक्षित हो सकती है, जिसके लिए कम से कम 25 सांसद होने जरूरी हैं।
कैसे पास होगा बजट?
जहां तक बजट से संबंधित धन विधेयकों की बात है तो लोकसभा से पास बजट को राज्यसभा खारिज नहीं कर सकती है। उसके पास सिर्फ 14 दिनों तक के लिए इसे टालने का अधिकार है या फिर वह इसे बदलावों के लिए अपने सुझावों के साथ लोकसभा को वापस भेज सकती है। लेकिन, उसे मानने या नहीं मानने का अधिकार लोकसभा के पास सुरक्षित है।
बजट सत्र में राज्यसभा में एनडीए को क्यों नहीं आएगी दिक्कत?
ऐसे में एनडीए सरकार के पास राज्यसभा से बाकी वित्त विधेयक या अन्य बिलों के पास कराने की चुनौती तो है, लेकिन इसमें भी फिलहाल उसे कोई खास परेशानी होती नहीं दिख रही है। क्योंकि, 7 असंबद्ध मनोनीत सदस्यों के सरकार के साथ ही रहने की संभावना है।
इसके अलावा जगन मोहन रेड्डी की वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के 11 सांसद और 2 निर्दलीय सांसदों के भी एनडीए सरकार का साथ देने की पूरी संभावना है। इस तरह से वास्तविक तौर पर सरकार को किसी परेशानी की संभावना अभी नहीं दिख रही है।
रिटायर हुए मनोनीत सदस्य
- राकेश सिन्हा
- राम शकल
- सोनल मानसिंह
- महेश जेठमलानी
राज्यसभा
- कुल सीट- 245
- मौजूदा संख्या- 226
- खाली सीटें- 19
- जम्मू-कश्मीर की खाली सीटें- 4
- मनोनीत सदस्यों वाली खाली सीटें- 4
अन्य राज्यों से खाली सीटें- 11
- बिहार-2
- असम-2
- महाराष्ट्र-2
- हरियाणा-1
- तेलंगाना-1
- मध्य प्रदेश-1
- राजस्थान-1
- त्रिपुरा-1












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