रक्षामंत्री सेना प्रमुखों के साथ कर रहे LAC के हालात की समीक्षा, NSA और CDS भी मौजूद
नई दिल्ली: लद्दाख में पिछले चार महीने से विवाद जारी है। हाल ही में चीनी सैनिकों ने फिर से पैंगोंग झील के पास घुसपैठ की कोशिश की थी, जिस पर भारतीय जवानों ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान वहां पर हवाई फायरिंग भी हुई थी। जिसके बाद एलएसी पर तनाव और ज्यादा बढ़ गया है। इसको लेकर रक्षामंत्री ने आज एक अहम बैठक बुलाई। जिसमें लद्दाख के हालात की समीक्षा की जा रही है।

दरअसल एलएसी पर जब फायरिंग की घटना हुई तो रक्षामंत्री रूस के दौरे पर गए हुए थे। वहां से आने के बाद उन्होंने राफेल के वायुसेना में शामिल होने के कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इसके बाद अब आज उन्होंने एलएसी के हालात पर चर्चा के लिए एक अहम बैठक बुलाई। जिसमें तीनों सेनाओं के प्रमुख, सीडीएस बिपिन रावत और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल मौजूद हैं।
सूत्रों के मुताबिक रक्षामंत्री सेना प्रमुखों से लद्दाख के जमीनी हालात की जानकारी ले रहे हैं। हाल में ही में सेना प्रमुख जनरल नरवणे लद्दाख गए थे, ऐसे में वो वहां की ऑपरेशनल तैयारियों के बारे में रक्षामंत्री को जानकारी देंगे। इसके साथ ही चीन को लेकर कई अहम बिंदुओं पर भी इस बैठक में चर्चा होगी।
विदेश मंत्री ने की चीनी समकक्ष से मुलाकात
LAC पर जारी तनाव के बीच भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मॉस्को में चीन के विदेश मंत्री मंत्री वांग यी से मुलाकात की। इस दौरान एस जयशंकर ने चीन को दो टूट जवाब देते हुए कहा कि भारत एलएसी पर जारी तनाव को और नहीं बढ़ाना चाहता है। चीन के प्रति भारत की नीति यशास्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि भारत का यह भी मानना है कि भारत के प्रति चीन की नीति में भी किसी तरह का बदलाव नहीं हुआ है।












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