राजीव गांधी की हत्या भारत की आत्मा पर हमला था: मनमोहन सिंह

तमिलनाडु सरकार का यह फैसला कानूनी तौर पर सही नहीं है। हत्यारों की रिहाई का फैसला न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है। आतंकवाद के खिलाफ किसी भी सरकार या दल को नरम नहीं होना चाहिए। गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक सजा माफ करने का अधिकार का सिर्फ केन्द्र सरकार को है। राज्य सरकार मुजरिमों को आजाद नहीं कर सकती। इससे पहले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को तमिलनाडु सरकार के निर्णय पर निराशा जाहिर की। राहुल गांधी ने भावुक अंदाज में अमेठी में एक जनसमूह के समक्ष कहा कि इस देश में प्रधानमंत्री को भी न्याय नहीं मिलता है। राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपनी जिंदगी कुर्बान कर दी.. लेकिन प्रधानमंत्री को न्याय नहीं मिलता।
उन्होंने कहा कि मेरे पिता वापस नहीं लौटेंगे, लेकिन यह एक राष्ट्रीय मामला है, यह सिर्फ मेरे परिवार या मेरे पिता से जुड़ा मामला नहीं है। यदि कोई प्रधानमंत्री की हत्या करता है और वह रिहा हो जाता है, तो फिर आम आदमी को कैसे न्याय मिलेगा? राहुल ने कहा, "यह एक ऐसा प्रश्न है, जिसपर विचार करने की जरूरत है। हिंदुस्तान को बदलने की जरूरत है।" उल्लेखनीय है कि तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता ने बुधवार को घोषणा की कि राजीव गांधी हत्याकांड में दोषी ठहराए गए सभी सात लोगों को रिहा किया जाएगा। इसमें छह पुरुष और एक महिला शामिल है। दोषियों में भारत और श्रीलंका के नागरिक हैं।












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