राजीव गांधी हत्याकांड: दोषी नलिनी को मद्रास हाईकोर्ट से मिली 30 दिनों की पैरोल
नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के केस में उम्र कैद की सजा काट रही नलिनी श्रीहरन को मद्रास हाईकोर्ट से 30 दिनों की पैरोल मिल गई है। नलिनी ने अपनी बेटी की शादी करने के लिए उच्च न्यायालय से 6 महीने की पैरोल की मांग की थी लेकिन कोर्ट ने एक महीने की पैरोल को ही मंजूरी दी है। नलिनी पिछले 27 सालों से जेल में बंद है। कोर्ट के आदेश के बाद अब वह जेल से बाहर आएगी।

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी हत्याकांड में छह अन्य दोषियों के साथ नलिनी श्रीहरन उम्रकैद की सजा काट रही हैं। इस मामले में सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा था कि अदालत में उपस्थित होकर अपनी याचिका की पैरवी करने के अधिकार से नलिनी को वंचित नहीं किया जा सकता है। हाईकोर्ट के जज ने कहा था कि उम्रकैद की सजा काट रहे किसी भी कैदी को दो साल में एक बार अवकाश का अधिकार है।
नलिनी ने 25 फरवरी को जेल प्रशासन से छह महीने की छुट्टी मांगी थी ताकि वह अपनी बेटी की शादी की तैयारियां कर सके। नलिनी की मां ने भी 22 मार्च को एक आवेदन दिया था लेकिन सरकार ने इसे नामंजूर कर दिया था। इसके बाद नलिनी की मां ने हाईकोर्ट में याचिका दायर पैरोल की मांग की थी। नलिनी श्रीधरन को राजीव गांधी की हत्या के मामले में मौत की सजा सुनाई गई थी लेकिन 24 अप्रैल, 2000 को तमिलनाडु सरकार ने मौत की सजा को उम्रकैद में बदल दिया था।
नलिनी ने दावा किया था कि मौत की सजा को उम्रकैद में बदले जाने के बाद ऐसे 3700 कैदियों को तमिलनाडु सरकार ने रिहा कर दिया था जो जेल में दस सालों की सजा काट चुके थे। 21 मई, 1991 को तमिलनाडु में पूर्व पीएम राजीव गांधी की एक चुनावी रैली के दौरान आत्मघाती हमले में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में नलिनी समेत सभी सात दोषी 27 साल से जेल में बंद हैं।












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