'देवदूत बनी दिल्ली पुलिस', जब छात्रों के लिए लगा दी अपनी जान की बाजी, बचाई 3-4 की जिंदगी
दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर में स्थित प्रतिष्ठित यूपीएससी कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में जलभराव से तीन छात्रों की मौत हो गई है। इस हादसे की भयावह तस्वीरें दिल दहला देने वाली है।
जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस वक्त वहां के हालात काफी भयावह थे। दर्जनों छात्र पानी के अंदर डूब रहे थे। इसी दौरान यहां पर दिल्ली पुलिस के तीन जवान भगवान की ओर से भेजे गए दूत के तौर पर पहुंचे। समय रहते इन जवानों ने कई छात्रों की जान बचाने में मदद की।

पानी के दबाव से बिगड़े हालात
ओल्ड राजेंद्र नगर में रहने वाले राहुल पवार ने बताया कि अगर यहां काफी पानी भर गया था। थोड़ी देर और बारिश होती तो घुटनों तक पानी भर जाता। पानी के तेज दबाव की वजह से राव आईएएस स्टडी सर्किल का गेट ढह गया और पानी तेजी अंदर घुसने लगा।
तीन जवान बने देवदूत
इसी दौरान लोगों ने दिल्ली पुलिस को कॉल किया और कुछ ही मिनट में यहां तीन जवान पहुंचे। जब ये तीनों जवान यहां पहुंचे तो पानी सिर के ऊपर जा चुका था। लेकिन इन पुलिसवालों ने अपनी जान की परवाह किए बगैर पानी में छलांग लगाई और छात्रों को बचाने में जुट गए।
चोट के बाद भी जुटे रहे जवान
पुलिस के इन जवानों ने एक-एक करके छात्रों को बाहर निकालना शुरू कर दिया। इस दौरान एक पुलिसकर्मी को पैर पर गहरी चोट लग गई। लेकिन बावजूद इसके वह छात्रों को बाहर निकालने में जुटा रहा। तीनों पुलिस वालों ने मिलकर तीन से चार छात्रों की जान बचाने में सफलता हासिल की।
7 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
जब इन जवानों की हिम्मत जवाब देने लगी तभी फायर ब्रिगेड और दिल्ली पुलिस की टीम यहां पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। तकरीबन 7 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद 12-13 छात्रों को बेसमेंट से बाहर निकाला गया। जिसमे से दो छात्राओं और एक छात्र की जान चली गई थी।
बता दें कि हादसे में जान गंवाने वाले छात्रों में एक छात्र जेएनयू का पीएचडी छात्र था जिसका नाम नवीन है डालविन है। वह केरल का छात्र था। जबकि तान्या और श्रेया यादव की भी हादसे में जान चली गई है।












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