चाय बेचने वाले के बेटे ने कर दिया कमाल, बना IAS, हासिल की 82वीं रैंक
जयपुरः सफलता के लिए मेहनत, लगन, जुनून और जज्बे की जरुरत होती है, धन की नहीं। इस कहावत को राजस्थान के जैसलमेर के सुमलियाई गांव के रहने वाले देशलदान ने सही साबित कर दिया। देशलदान ने आईएएस में 82वीं रैंक हासिल की। देशलदान की ये कामयाबी इसलिए भी खास क्योंकि उनके पास पढ़ाई के लिए पर्याप्त धन नहीं था। उनके परिवार की आर्थिक हालात ज्यादा अच्छी नहीं है। देशलदान के पिता कुशलदान चारण चाय बेचते हैं।

बेटे की पढ़ाई के लिए पिता ने लिया कर्ज
पिता चाय बेचकर परिवार का पालन पोषण करते हैं। लेकिन जब भी बेटे को पढ़ाई के लिए पैसों की जरुरत पड़ी तो उन्होंने हमेशा मदद की। बेटे की पढ़ाई के लिए ब्याज पर पैसे लिए, ताकि देशलदान अपनी पढ़ाई जारी रख सके।

बेटे ने हासिल की 82वीं रैंक
कुशलदान चारण की मेहनत उस वक्त साकार हो गई, जब शुक्रवार को यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा ने परिणामों की घोषणा हुई। बचपन से ही देशलदान पढ़ाई में अव्वल था, बेटे की पढ़ाई में कोई कमी न रह जाए इसके लिए पिता कुशलदान चारण ने कोई कसर नहीं छोड़ी। हर बार बेटे का साथ दिया। यूपीएससी सिविल सर्विस 2017 के परिणामों में देशलदान ने 82 वीं रैंक हासिल की। बता दें, इससे पहले देशलदान का चयन आईएफएस में भी हो चुका है।

खुश है पूरा परिवार
बेटे की इस कामयाबी पर पिता कुशलदान चारण फूले नहीं समा रहे हैं। परिवार में खुशी का माहौल है तो देशलदान के पिता का कहना है कि बहुत खुशी हुई। जब ये खबर कुशलदान के गांव पैतृक घर में खुशी की लहर दौड़ पड़ी।

900 कैंडिडेट हुए हैं पास
बता दें, यूपीएसी ने शुक्रवार को परिणामों की घोषणा की। इस मेरिट लिस्ट में कुल 990 लोगों के नाम हैं, जिसमें से कुल 476 कैंडिडेट जनरल कैटेगिरी के, 275 कैंडिडेट ओबीसी, 165 कैंडिडेट एससी और 74 कैंडिडेट एसटी कैटेगिरी के हैं।












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