यहां वोट न डालने पर लगता है 500 रुपए का जुर्माना

Saurashtra-gujarat
अहमदाबाद। गुजरात के सौराष्‍ट्र में स्थित गांव राज समाधियाला को देश के ऐसे स्‍थान के तौर पर जाना जाता है जहां पर क्राइम रेट जीरो है और जहां पर लोगों को अपने घरों में ताले लगाने की जरूरत महसूस नहीं होती है। इस गांव ने दिन पर दिन अपने हिस्‍से में कई उपलब्धियां दर्ज कराता जा रहा है।

इस गांव में न तो कोई राजनीतिक पार्टी जनसभा करती है और न ही घर-घर जाकर कैंपेनिंग की इजाजत किसी को है लेकिन फिर भी यहां वोटर टर्नआउट 100 प्रतिशत रहता है। वोटिंग के लिए गांव के सरपंच की ओर से एक सख्‍त नियम बनाया गया है। अगर कोई वोट नहीं डालता है तो गांव की पंचायत की ओर से उस पर 500 रुपए का जुर्माना लगाया जाता है।

सिगरेट और शराब से दूर गांववासी
30 अप्रैल को इस गांव में वोट डाले जाएंगे और गांव के 960 वोटर्स अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। यह अपने आप में एक रिकॉर्ड है। इस गांव के लोग उन सभी वोटर्स के लिए मिसाल हो सकते हैं जो अक्‍सर वोट डालने में ना-नुकुर करते हैं।

इस गांव के लोग किस पार्टी को वोट करेंगे अभी तक साफ नहीं है लेकिन नरेंद्र मोदी को लेकर यहां के लोगों में एक अलग तरह का उत्‍साह है। इस गांव की एक और खासियत है और वह यहां पर न तो गुटखा की बिक्री होती है और न ही गांव का कोई व्‍यक्ति उसका सेवन करता है।

इस गांव के 1,700 लोगों को किसी भी तरह का नशा करने के एवज में पुरस्‍कार मिल चुका है। यहां तक कि इस गांव में आपको कोई भी सिगरेट पीता हुआ भी नहीं मिलेगा।

सरपंच ने बदली गांव की सूरत

राजकोट से 30 किमी दूर स्थित इस गांव में प्‍लास्टिक पूरी तरह से बैन है और साथ ही हर घर में शौचालय है। गांव में स्‍कूल है और गांव की किक्रेट टीम भी है। लेकिन कुछ वर्षों पहले तक यहां पर हालात काफी खराब थे। करीब 15 वर्ष पहले यह गांव भी सौराष्‍ट्र के बाकी गांवों की ही तरह था।

लोग यहां पर अपनी लड़कियों की शादी कराने से डरते थे। यहां अक्‍सर सूखे की स्थिति होती थी और पीने का पानी लेने के लिए कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता था। इसके अलावा गांव में सिर्फ एक ही फसल की खेती की जा सकती थी।

गांव की सूरत बदली यहां के सरपंच हरदेवसिंह जी जाडेजा ने और उन्‍हें कई मुश्किलों का सामना भी करना पड़ा। उन्‍होंने गांव वॉटर हार्वेस्टिंग प्रोग्राम को सख्‍ती से लागू कराया। उसकी वजह में गांव में तालाब बन सके और एक साल के भीतर ही यहां पर हर तरह की खेती की जाने लगी। उस समय ही हरदेव सिंह जी जाडेजा ने वोटिंग को अनिवार्य कर दिया।

इस गांव में किसी भी राजनीतिक दल को किसी तरह की ग्रुप मीटिंग या फिर जनसभा करने या घर-घर जाकर कैपेनिंग करने की इजाजत नहीं है। जाडेजा कहते हैं कि सिर्फ उसी पार्टी या फिर उम्‍मीदवार को वोट दिया जाएगा जिन्‍होंने उनके गांव के लिए कुछ किया होगा। साथ ही गांव में किसी भी धर्म और जाति के आधार पर वोट करने भी मनाही है।

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