तो इन हालातों में प्रभु के इस्तीफे की पेशकश मोदी कर सकते हैं स्वीकार!
नई दिल्ली। 4 दिनों के भीतर 3 रेल हादसों के बाद लगातार रेल मंत्री के इस्तीफे की उठ रही मांग के बीच आज रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान प्रभु ने मोदी को इस्तीफे की पेशकश की हालांकि उन्हें जवाब में इंतजार करने को कहा गया है। प्रभु के अनुसार मोदी ने उन्हें इंतजार करने को कहा है। इस इंतजार के कई मायने निकाले जा रहे हैं। बता दें कि इस बात की भी अटकलें हैं कि मोदी सरकार जल्द ही कैबिनेट विस्तार कर सकती है।

सूत्रों के अनुसार मोदी, प्रभु का इस्तीफा स्वीकार कर सकते हैं क्योंकि सरकार पर लगातार हो रहे हादसों के चलते काफी दबाव है। इसके साथ ही विपक्ष भी सरकार पर हमलावर है। मोदी, प्रभु का इस्तीफा स्वीकार कर देश और विपक्ष को यह संदेश देने की कोशिश करेंगे कि सरकार पर संवेदनहीनता के जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वो बेबुनियाद हैं।
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सूत्रों का यह भी कहना है कि अगले कुछ दिनों में मोदी सरकार कैबिनेट विस्तार करने वाली है, जिसके चलते यह संभव है कि प्रभु की जगह किसी और को रेल मंत्री बना दिया जाए। सूत्रों की मानें तो संभावना इस बात की भी है कि मोदी ने प्रभु से इसलिए भी इंतजार करने को कहा है ताकि वो भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और अपने अन्य सहयोगियों से विचार विमर्श करें।
राजनाथ ने कहा था...
गौरतलब है कि साल 2015 के जून महीने में सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी के डिग्री विवाद पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने बयान दिया था कि ये एनडीए की सरकार है यूपीए की नहीं और यहां इस्तीफे नहीं होते।
बता दें कि 19 अगस्त को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर स्थित खतौली में उत्कल एक्सप्रेस पलट गई थी। इसके बाद बुधवार (23 अगस्त) को ही तड़के पुरानी दिल्ली से आजमगढ़ वाया फैजाबाद जाने वाली कैफियत एक्सप्रेस यूपी के ही और्रैया में डंपर से टकरा गई। हालांकि इस हादसे में किसी की मौत नहीं हुई लेकिन 74 लोग घायल हो गए। वहीं मुजफ्फरनगर की घटना में 34 लोगों की मौत हुई थी। इसके साथ हाल ही में तमिलनाडु के विल्लुपुरम में एक ट्रैक्टर से ट्रेन भिड़ गई थी।












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