राहुल गांधी ने नोटबंदी को बताया पीएम मोदी की सोची समझी चाल, कहा- गलती हुई नहीं, जानबूझकर की गई
नई दिल्ली। नोटबंदी को आज चार साल पूरे हो गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर 2016 की रात आठ बजे राष्ट्र के नाम संबोधन में अप्रत्याशित रूप से 500 और 1000 रुपए के करेंसी नोट को प्रचलन से बाहर करते हुए उनके लीगल टेंडर (वैध मुद्रा) नहीं होने की घोषणा की थी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने वीडियो जारी करते हुए नोटबंदी को हिंदुस्तान के गरीब, किसान, मजदूर और छोटे दुकानदारों पर आक्रमण बताया है। राहुल गांधी ने नोटबंदी को राष्ट्रीय त्रासदी बताते हुए लोगों से अपनी आवाज बुलंद करने की बात कही है।
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ग़लती हुई नहीं, जानबूझकर की गयी थी: राहुल गांधी
राहुल गांधी ने ट्वीट किया, 'नोटबंदी पीएम की सोची समझी चाल थी ताकि आम जनता के पैसे से 'मोदी-मित्र' पूंजीपतियों का लाखों करोड़ रुपय क़र्ज़ माफ़ किया जा सके। ग़लतफ़हमी में मत रहिए- ग़लती हुई नहीं, जानबूझकर की गयी थी। इस राष्ट्रीय त्रासदी के चार साल पर आप भी अपनी आवाज़ बुलंद कीजिए।'
राहुल ने प्रति व्यक्ति आय के मामले में भारत से आगे निकले बांग्लादेश की हालिया रिपोर्ट का भी हवाला दिया और कहा कि यह एक दिन में नहीं हुआ, बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था का पतन नोटबंदी से शुरू हुआ। राहुल ने जीएसटी का भी उल्लेख किया और कहा कि इसके त्रुटिपूर्ण कार्यान्वयन से बड़े कॉरपोरेट घरानों को लाभ हुआ है। कांग्रेस ने भी ट्वीट कर कहा, 'देश की अर्थव्यवस्था को नोटबंदी के फैसले ने तहस-नहस कर दिया है। देश की अर्थव्यवस्था आज भी नोटबंदी की मार को झेल रही है। आप हमारे #SpeakUpAgainstDeMoDisaster अभियान के साथ जुड़ कर प्रधानमंत्री निर्मित नोटबंदी नामक आपदा के खिलाफ आवाज बुलंद कर मोदी सरकार को माफी मांगने की अपील करें।'
कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने कहा, आज से 4 साल पहले प्रधानमंत्री के एक वक्तव्य ने पूरे देश की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ दी थी। इसने बेरोजगार नौजवान की, किसान, मजदूर, छोटे दुकानदार, संगठित और असंगठित क्षेत्र की भी कमर तोड़ दी थी।












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