क्या मुस्लिम लीग की वजह से वायनाड सीट छोड़ेंगे राहुल गांधी? ये दो राज्य हो सकते हैं अगली पसंद

कांग्रेस नेता राहुल गांधी अभी केरल की वायनाड सीट से लोकसभा सांसद हैं। लेकिन, संभावना है कि इस बार वह केरल की जगह दक्षिण के ही किसी और राज्य से चुनाव लड़ना पसंद करें। इसकी दो मुख्य वजहें सामने आ रही हैं।

अटकलें हैं कि राहुल गांधी इस बार केरल के बदले कर्नाटक या तेलंगाना में कांग्रेस के लिए किसी ज्यादा सुरक्षित सीट से चुनाव लड़ना पसंद करें। यह भी चर्चा है कि वे इस बार भी दो सीटों से चुनाव लड़ेंगे, जिसमें एक सीट उत्तर प्रदेश से ही होगी।

rahul gandhi wayanad

वायनाड सीट पर मुस्लिम के दावा जताने की चर्चा
केरल की वायनाड सीट छोड़ने की अटकलें इस वजह से लग रही हैं, क्योंकि यहां इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के चलते मामला फंस रहा है। मुस्लिम लीग केरल में कांग्रेस की अगुवाई वाले यूडीएफ में उसकी सबसे भरोसेमंद सहयोगी है।

जानकारी के मुताबिक अबकी बार केरल में वह कांग्रेस से 2 सीटों की जगह 3 सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए दबाव बना रही है। तीसरी सीट वायनाड ही बताई जा रही है, क्योंकि मुस्लिम लीग को ज्यादातर मुसलमान वोटरों का ही समर्थन हासिल रहा है।

वायनाड में बहुत ज्यादा मुस्लिम आबादी
2011 की जनगणना के मुताबिक वायनाड की करीब 29% आबादी मुसलमान है। यही वजह है कि मुस्लिम लीग अबकी बार कांग्रेस से इस सीट के लिए दावेदारी जता रही है। 2019 में वायनाड सीट से राहुल गांधी 4 लाख 31 हजारा से ज्यादा वोटों से चुनाव जीते थे।

सीपीआई ने एनी राजा को वायनाड से उतारा
दूसरी तरफ वायनाड में इस बार सीपीआई ने पार्टी महासचिव डी राजा की पत्नी और पार्टी की वरिष्ठ नेता एनी राजा को उतार दिया है। इस सीट पर सीपीआई हमेशा से चुनाव लड़ती आई है। ऐसे में राहुल गांधी का इसी सीट से चुनाव लड़ना इंडिया ब्लॉक के लिए अच्छा संदेश नहीं माना जा रहा है।

इंडिया ब्लॉक की छवि का भी सवाल
असल में कांग्रेस, सीपीआई और मुस्लिम लीग तीनों ही इंडिया ब्लॉक में शामिल हैं। ऐसे में सीपीआई की बड़ी नेता और कांग्रेस के बड़े नेता के आमने-सामने होने से राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी गठबंधन की छवि पर असर पड़ने की आशंका है।

इसकी वजह से भी यह चर्चा चल रही है कि राहुल इस बार केरल की जगह दक्षिण के किसी और सुरक्षित राज्य का विकल्प खोज सकते हैं।

सीपीआई ने कांग्रेस से पूछा राजनीतिक लॉजिक वाला सवाल
इसके बारे में सीपीआई के राज्यसभा सांसद बिनॉय विस्वम ने कहा है, 'उत्तर भारत को भारत का हॉटबेड माना जाता है, जहां से अधिकतर सांसद चुनकर संसद पहुंचते हैं, जहां बजेपी जैसी पावरफुल फोर्स से लड़ना है। इस सच्चाई को भुलाकर कांग्रेस का भारत के दक्षिणतम हिस्से केरल में आने का राजनीतिक लॉजिक क्या है, जहां सिर्फ 20 सीटें हैं....।'

वाडनाड से लड़ेंगे राहुल तो भाजपा को होगा फायदा-सीपीआई
उन्होंने यहां तक कह दिया कि 'कांग्रेस पार्टी का मुख्य दुश्मन कौन है, आरएसएस की अगुवाई वाली बीजेपी या लेफ्ट?' उनके मुताबक 'सभी जानते हैं कि बीजेपी केरल में नहीं जीत पाएगी। इसलिए उन्हें सही में कहां से लड़ना चाहिए? जब राहुल पिछली बार वायनाड चले आए तो बीजेपी ने इसी को भुनाया कि वह भाजपा के डर से केरल भाग गए। इस अभियान का परिणाम ये हुआ कि कांग्रेस पूरे उत्तर भारत में हार गई।'

वैसे राहुल गांधी के परिवार के लिए कर्नाटक भी नया नहीं है। उनकी मां सोनिया गांधी और दादी इंदिरा गांधी तक यहां से चुनावी किस्मत आजमा चुकी हैं।

जबकि, तेलंगाना को कर्नाटक से भी ज्यादा सुरक्षित इसलिए माना जा रहा है कि अभी हाल ही में कांग्रेस पार्टी ने वहां भारत राष्ट्र समिति को हराकर सत्ता हासिल की है। पार्टी को लगता है कि आज भी वहां के राजनीतिक माहौल में पिछले साल नवंबर-दिसंबर से ज्यादा बदलाव नहीं आया है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+