ट्विटर पर मनमोहन सिंह सरकार की ही आलोचना कर बैठे राहुल गांधी, अब हो रहे हैं जमकर ट्रोल

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    Modi Govt. को घेरने के चक्कर में खुद ही घिर गए Rahul Gandhi, जमकर हुए troll | वनइंडिया हिंदी

    नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी अक्सर तमाम मुद्दों पर मोदी सरकार को घेरते हैं, लेकिन इस बार वह मोदी सरकार को घेरने के चक्कर में अपनी पूर्व की सरकार पर कटघरे में खड़ा कर बैठे हैं। दरअसल राहुल गांधी ने ट्वीट करके मोदी सरकार पर आरोप लगाया है कि इस सरकार ने हर भारतीय महिला का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने जो बहस की है उसमे कहा है कि सेना में महिला अधिकारी कमांड पद के लायक नहीं हैं और ना ही वह स्थायी नौकरी के लायक हैं, क्योंकि महिलाएं पुरुषों से कमतर हैं। राहुल गांधी का यह ट्वीट अब उनपर ही उल्टा पड़ गया है।

    ट्वीट करके फंसे राहुल

    ट्वीट करके फंसे राहुल

    दरअसल दिल्ली की हाई कोर्ट में भारतीय सेना में महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने के पक्ष में अपना फैसला दिया था। हाई कोर्ट के फैसले के बाद इस मसले पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई और सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले पर मुहर लगा दी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार कॉम्बैट इलाकों को छोड़कर सभी इलाकों में महिलाओं को स्थायी कमान देने के लिए बाध्य है। कोर्ट के इसी फैसले के बाद राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा था। राहुल ने ट्वीट करके कहा था कि मैं भारत की महिलाओं को मुबारकबाद देता हूं कि वह डटकर खड़ी हुईं और भाजपा सरकार को गलत साबित किया।

    क्या था मामला

    क्या था मामला

    लेकिन राहुल गांधी अपने ट्वीट में जो बड़ी गलती कर गए वह यह कि पूर्व की मनमोहन सरकार ने 6 जुलाई 2010 में सुप्रीम कोर्ट में हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी। हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन दिया जाए। हाई कोर्ट के इसी फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। जिसपर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले पर मुहर लगा दी। राहुल गांधी के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए हाई कोर्ट के वकील नवदीप सिंह ने कहा कि ऐसे मसलों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।

    निशाने पर आए राहुल गांधी

    निशाने पर आए राहुल गांधी

    हाई कोर्ट के वकील ने कहा कि तत्कालीन सरकार ने हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, ना कि मौजूदा सरकार ने। उस वक्त कांग्रेस की अगुवाई में यूपीए की सरकार थी। नवदीप सिंह ने कहा कि दिल्ली कोर्ट ने महिला अधिकारियों के पक्ष में फैसला दिया था, लेकिन इस फैसले के खिलाफ तत्कालीन मनमोहन सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। वहीं राहुल गांधी के ट्वीट के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर निशाना साध दिया है।

    प्रीति गांधी ने दिलाया याद

    प्रीति गांधी ने दिलाया याद

    भाजपा नेता प्रीति गांधी ने ट्वीट करके लिखा कि बताइए राहुल गांधी जी किस सरकार ने महिलाओं का अपमान किया था। क्या आपको नहीं पता है कि 2010 में मनमोहन सिंह की सरकार थी। जिसने सुप्रीम कोर्ट में हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील की ती। जबकि हाई कोर्ट ने महिलाओं के पक्ष में फैसला दिया था। मैं भारत की महिलाों को बधाई देती हूं जो डटकर खड़ी रहीं और कांग्रेस सरकार को गलत साबित किया।

    मीनाक्षी लेखी ने कसा तंज

    वहीं मीनाक्षी लेखी ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए लिखा कि राहुल लगांधी आप कृपया अपनी याददाश्त को ताजा कीजिए, उस वक्त कांग्रेस की सरकार थी जिसने महिलाओं को स्थायी कमीशन देने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। उस वक्त हाई कोर्ट ने अपना फैसला महिलाओं के पक्ष में दिया था। लेकिन हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ 2010 में आपकी सरकार सुप्रीम कोर्ट गई थी। मिस्टर जी उस वक्त आपकी सरकार थी।

    बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना

    राहुल गांधी के इस ट्वीट के बाद एक एक करके तमाम भाजपा नेताओं ने राहुल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ट्वीट करके राहुल गांधी को बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना तक कह दिया। उन्होंने ट्वीट करके लिखा कि 2011 में भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष होने के नाते उस वक्त की महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष मीनाक्षी लेखी ने महिला अधिकारियों को कानूनी मदद की थी, यह अपने आप में गर्व की बात है। राहुल गांधी का आज का बयान बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना से अधिक कुछ नहीं।

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