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अयोग्य घोषित हुए कांग्रेस नेता Rahul Gandhi, लालू और जयललिता समेत इनपर गिर चुकी है अयोग्यता की गाज

सूरज कोर्ट ने 'मोदी सरनेम' मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को 2 साल की सजा सुनाई है। सजा सुनाए जाने के बाद राहुल गांधी को अयोग्य घोषित कर दिया गया है। इन बड़े-बड़े नामों पर गिरी है अयोग्यता की तलावर, देखिए लिस्ट...

Rahul Gandhi disqualification

Rahul Gandhi disqualification: साल 2019 के पुराने मानहानि मामले में गुरुवार को सूरत की कोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी दोषी करार देते हुए 2 साल की सजा सुनाई है। यह सजा 'मोदी सरनेम' मामले में सुनाई गई है। कोर्ट द्वारा राहुल गांधी को सजा सुनाए जाने के बाद उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया है। अगर उच्च न्यायालय में राहुल गांधी को राहत नहीं मिली तो उनकी सदस्यता खत्म हो जाएगी। बता दें, ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है, इससे पहले भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। जिसमें कोर्ट द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद सांसदों और विधायकों की सदस्यता तत्काल चल गई है। जन-प्रतिनिधि कानून के इस प्रावधान की गाज बड़े-बड़े नामों पर गिरी है, देखिए लिस्ट...

रशीद मसूद: साल 1990 से 91 तक कांग्रेस नेता काजी रशीद मसूद केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रहे थे। इस बीच उन पर आरोप लगे कि उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री रहते समय केंद्रीय पूल से आवंटित सीटों में से त्रिपुरा में एमबीबीएस की सीटों पर नियम विरुद्ध दाखिले कराए थे। भ्रष्टाचार के इस मामले में सीबीआई की चार्जशीट के बाद रशीद मसूद को 10 जून, 2013 को दोषी करार देते हुए 04 साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद अक्टूबर 2013 में उनकी राज्यसभा की सदस्यता खत्म कर दी गई थी।

आजम खान: समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और रामपुर सदर सीट से विधायक आजम खान को 27 अक्टूबर 2022 को हेट स्‍पीच के मामले में सजा सुनाई गई थी। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट निशांत मान की एमपी-एमएलए कोर्ट ने साल 2019 के हेट स्पीच मामले में ठोषी ठहराते हुए 03 साल की सजा सुनाई थी। जिसके बाद आजम खान की विधायकी छिन गई। वहीं, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की भी विधायकी सजा की घोषणा के साथ ही जा चुकी है।

कुलदीप सिंह सेंगर: उन्‍नाव से बीजेपी विधायक रहे कुलदीप सिंह सेंगर की भी विधायकी जा चुकी है। दरअसल, साल 2017 में नाबालिग लड़की से बलात्‍कार के एक मामले में 20 दिसंबर 2019 को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। सजा के ऐलान के बाद ही उनकी विधायकी चली गई थी।

अशोक कुमार सिंह चंदेल: 26 जनवरी 1997 में हमीरपुर में एक सामूहिक हत्याकांड हुआ था। इस हत्याकांड में बीजेपी नेता राजीव शुक्ला के सगे भाई समेत पांच लोगों की हत्या हुई थी। इस हत्याकांड में हमीरपुर से बीजेपी विधायक अशोक कुमार सिंह चंदेल का नाम भी सामने आया था, जिसमें उन्हें सजा सुनाई गई थी। साज के एलान के बाद जून 2019 में उनकी विधायक की कुर्सी चली गई थी।

विक्रम सैनी: बीजेपी विधायक विक्रम सैनी को साल 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों में उनकी भूमिका के लिए दो साल के कारावाज की सजा सुनाई गई थी। यह सजा मुजफ्फरनगर की एमपी एमएलए कोर्ट ने सुनाई थी। सजा सुनाए जाने के लगभग एक महीने बाद उनकी सदस्यता चल गई थी।

लालू प्रसाद यादव: पूर्व केंद्रीय मंत्री और बिहार के मुख्‍यमंत्री रहे लालू यादव को 3 अक्टूबर, 2013 में चारा घोटाले से जुड़े मामले में सजा हुई थी। सजा के ऐलान के बाद ही लालू यादव की लोसभा सदस्यता चली गई थी और उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया था।

जयललिता: तमिलनाडु की दिवंगत मुख्‍यमंत्री जे.जयललिता को दो-दो बार विधायकी गंवानी पड़ी। पहली बार 2002 में भ्रष्‍टाचार के मामले में उन्‍हें सजा हुई। इसके बाद 2014 में आय से अधिक संपत्ति मामले में भी कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराते हुए सजा का ऐलान किया था।

मोहम्मद फैजल: 13 जनवरी को लक्षद्वीप में एक सत्र अदालत द्वारा हत्या के प्रयास के मामले में मोहम्मद फैजल को दोषी करार दिया गया था। सजा के ऐलान होने के बाद ही लोकसभा सचिवालय ने सांसद मोहम्मद फैजल को अयोग्य घोषित करने वाली एक अधिसूचना जारी कर दी। हालांकि, 25 जनवरी को केरल हाईकोर्ट ने सजा को समाप्त कर दिया। इसके बाद चुनाव आयोग ने 27 फरवरी को लोकसभा सीट के लिए उपचुनाव रोकने का फैसला लिया था।

इन नेताओं को भी गवानी पड़ी थी अपनी कुर्सी
अदालत से सजा पाकर अयोग्य होने वालों में यूपी से साल 2015 में बीजेपी के बजरंग सिंह की भी विधायक गई थी। इसके अलावा बीजेपी के खब्बू तिवारी की साल 2021 में फर्जी मार्कशीट मामले में विधायक गई थी। तो वहीं, बिहार के जगदीश शर्मा, अनिल कुमार साहनी, अनंत सिंह, राज बल्लभ यादव और इलयास हुसैन भी अयोग्यता कानून के चलते डिसक्वालिफाई हो चुके है। हरियाणा से कांग्रेस विधायक रहे प्रदीप चौधरी को 2021 में दंगों से जुड़े मामले में सजा हुई थी। वहीं, केरल से CPM के पी. जयराजन (2001 में चुनाव नियमों के उल्‍लंघन) और ए. राजा (चुनाव फ्रॉड, 2023 में) को सजा हुई। इसके अलावा पीसी थॉमस और केएम शाजी को भी सजा के चलते विधायकी गंवानी पड़ी।

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