राहुल गांधी ने त्रिपुरा हिंसा को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर उठाए सवाल, कहा- UAPA से सच को दबाया जा रहा है
नई दिल्ली, नवंबर 08। त्रिपुरा की हिंसा को लेकर देश की राजनीति में सियासत शुरू हो गई है। कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल बीजेपी की सरकार और त्रिपुरा पुलिस की कार्यशैली पर लगातार सवाल उठा रहे हैं। आपको बता दें कि हाल ही में त्रिपुरा पुलिस ने पत्रकारों और वकीलों समेत 102 लोगों के सोशल मीडिया अकाउंट के खिलाफ केस दर्ज किया है। इन सभी लोगों पर UAPA एक्ट लगाया है। पुलिस की इस कार्रवाई की राहुल गांधी ने आलोचना की है। राहुल गांधी का कहना है कि UAPA के जरिए सच को दबाने को कोशिश हो रही है।
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बीजेपी की रणनीति है गोली मारना- राहुल गांधी
सोमवार को राहुल गांधी ने एक ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने कहा है, "त्रिपुरा #Tripura_Is_Burning (हिंसा) के बारे में बात करना सुधारात्मक कार्रवाई का आह्वान है, लेकिन बीजेपी की पसंदीदा कवर-अप रणनीति है कि दूत(संदेशवाहक) को गोली मार दो। #UAPA से सच को चुप नहीं कराया जा सकता।"
'त्रिपुरा में हमारे मुस्लिम भाइयों पर हो रही है क्रूरता'
आपको बता दें कि राहुल गांधी ने एक हफ्ते भी त्रिपुरा हिंसा को लेकर एक ट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि त्रिपुरा के अंदर हमारे मुस्लिम भाइयों पर क्रूरता हो रही है, हिंदू के नाम पर जो लोग नफरत और हिंसा फैलाने का काम कर रहे हैं, वो हिंदू नहीं बल्कि ढोंगी हैं। वहीं राहुल गांधी ने बीजेपी सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा था कि सरकार कब तक अंधी-बहरी होने का नाटक करती रहेगी?
माकपा और कई मानवाधिकार संगठनों ने भी उठाई आवाज
आपको बता दें कि रविवार को त्रिपुरा प्रदेश कांग्रेस प्रमुख ने भी एक बयान में कहा था कि पुलिस ने जिन पत्रकारों, वकीलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ UAPA एक्ट लगाया है, उनके खिलाफ दर्ज किए गए मामलों को तुरंत वापस लिया जाए। कांग्रेस के अलावा मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और की मानवाधिकार संगठनों ने भी राज्य सरकार पर निशाना साधा है। इन्होंने कथित तौर पर सांप्रदायिक विद्वेष फैलाने के लिए उच्चतम न्यायालय के कई वकीलों समेत अन्य पर दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग की है।












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