'पता नहीं कौन सा डेटा पढ़ते हैं', राहुल गांधी की बजट की आलोचना पर वित्त मंत्री सीतारमण ने लगा दी तगड़ी क्लास
Nirmala Sitharaman replied to Rahul Gandhi: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज 1फरवरी 2026 (शनिवार)को अपना नौवां बजट पेश किया। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेता बजट की तारीफ कर रहे हैं, वहीं विपक्षी पार्टियां इसे खोखला और जमीनी हकीकत से दूर बता रही हैं।
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने संसद से निकलते हुए पहले तो कहा कि बजट पर कल संसद में जवाब दूंगा लेकिन बाद में उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए बजट 2026 की जमकर आलोचना की। इस आलोचना पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जवाब देते हुए लोकसभा में विपक्ष का प्रतिनिधित्व करने वाले नेता राहुल गांधी की जमकर क्लास लगा दी है।

वित्त मंत्री बोलीं- पता नहीं वे किस 'कोर्स करेक्शन' का जिक्र कर रहे
दरअसल, वित्त मंत्री सीतारमण ने राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय बजट की आलोचना और 'कोर्स करेक्शन' उठाने की उनकी मांग वाले एक्स पर लिखी गई पोस्ट पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। राहुल गांधी की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, "मुझे नहीं पता कि वे किस 'कोर्स करेक्शन' का जिक्र कर रहे हैं, पता नहीं कौन सा डेटा पढ़ते हैं।"
सीतारमण बोलीं- 'तथ्यों के आधार पर तर्क दें'
सीतारमण ने चुनौती देते हुए कहा, "राजनीतिक रूप से अगर आप आलोचना करना चाहते हैं, तो आपका स्वागत है, कृपया करें। लेकिन अगर आप मुझे उन तथ्यों पर आधारित तर्क देना चाहते हैं जिन पर आप अपनी बात रख रहे हैं, तो मैं सुनने और उसका जवाब देने के लिए तैयार हूं।"
सीतारमण ने राहुल गांधी को जवाब देते हुए और क्या कहा?
सीतारमण ने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय अर्थव्यवस्था और उसके बुनियादी सिद्धांत बेहद मजबूत हैं। उन्होंने यह भी माना कि वैश्विक अनिश्चितता कई क्षेत्रों को प्रभावित कर रही है, जिसके मद्देनजर सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं। ये योजनाएं छोटे व मध्यम उद्यमों (MSMEs), कपड़ा, चमड़ा उद्योग, ग्रामीण श्रमिकों, किसानों, महिला उद्यमियों तथा स्वयं सहायता समूहों को लाभ पहुँचाने हेतु हैं।
वित्त मंत्री के अनुसार, इन पहलों का मुख्य लक्ष्य आम और छोटे तबके के लोगों को बाहरी उतार-चढ़ाव से उनके जीवन में आने वाले बड़े बदलावों से बचाना है। उन्होंने राहुल गांधी को राजनीतिक आलोचना के लिए आमंत्रित किया, पर साथ ही तथ्यों पर आधारित बहस की मांग भी की।
आखिर राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में क्या लिखा?
राहुल गांधी ने लिखा "बिना नौकरी वाले बेरोजगार युवा, गिरता हुआ मैन्युफैक्चरिंग,इनवेस्टर्स पूंजी निकाल रहे, तेजी से गिर रहा घरेलू बचत और संकटग्रस्त किसान, आने वाले वैश्चिक झटके, सभी को अनदेखा करते हुए, बजट वास्तविक संकटों से नजरअंदाज कर रहा है। ये एक ऐसा बजट है जो सुधार करने से इनकार करता है। भारत देश के असली संकटों से अनजान है।"
Youth without jobs.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) February 1, 2026
Falling manufacturing.
Investors pulling out capital.
Household savings plummeting.
Farmers in distress.
Looming global shocks - all ignored.
A Budget that refuses course correction, blind to India’s real crises.












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