नोटबंदी का विरोध करने वाले रघुराम राजन को मिल सकता है अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार
रघुराम राजन अंतर्राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की दुनिया में एक ऐसा नाम है जिसने साल-2005 में ही आर्थिक मंदी का अनुमान जताया दिया था।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'नोटबंदी' का विरोध करने वाले आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन अर्थशास्त्र के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कारों के दावेदारों की सूची में शामिल है।कॉर्पोरेट फाइनैंस के क्षेत्र में किए गए काम के लिए राजन का नाम लिस्ट में आया है। बता दें कि क्लैरिवेट ऐनालिटिक्स एक रिसर्च कंपनी है जो अपने रिसर्च के आधार पर नोबेल पुरस्कार के संभावित विजेताओं की लिस्ट तैयार करती है। बता दें कि सोमवार को अर्थशास्त्र के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार दिया जाना है।

आर्थिक मंदी की भविष्यवाणी की थी
रघुराम राजन अंतर्राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की दुनिया में एक ऐसा नाम है जिसने साल-2005 में ही आर्थिक मंदी का अनुमान जताया दिया था। राजन तब अमेरिका में अर्थशास्त्री और बैंकरों की प्रतिष्ठित वार्षिक सभा रिसर्च पेपर प्रेजेंट कर रहे थे। हालांकि तब इस पेपर की ज्यादा तारीफ नहीं हुई और राजन के इस भविष्यवाणी को लेकर काफी मजाक उड़या गया था।

40 साल की उम्र में इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड के चीफ बने
राजन आगे चलकर महज 40 साल की उम्र में इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड के चीफ बने। राजन यह पद हासिल करने वाले सबसे कम उम्र के व्यक्ति थे।अगर पिछले रिकॉर्ड देखें तो नोबेल जीतने वाले अर्थशास्त्री के पास एक लंबे कैरियर की उपलब्धि होती है जिसके आधार पर ये पुरस्कार दिया जाता है। इससे पहले जीतने भी लोगों ने नोबेल जीता है उसकी उम्र 67 वर्ष रही है

नोटबंदी को लेकर मोदी सरकार को आगाह किया था
देश में हुई नोटबंदी को लेकर रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने हाल में एक बड़ा खुलासा किया था। जिसमें उन्होंने कहा है कि मैं नोटबंदी के पक्ष में नहीं था। मैने इस बारे में सरकार को पहले ही सावधान कर दिया था। राजन ने अपनी पुस्तक 'आय डू ह्वाट आय डू: ऑन रिफार्म्स रिटोरिक एंड रिजॉल्व' में यह खुलासा करते हुए कहा कि नोटबंदी की लागत के बारे में सरकार को सावधान किया था तथा कहा था कि नोटबंदी के मुख्य लक्ष्यों को पाने के अन्य बेहतर विकल्प भी हैं। उन्होंने कहा था कि अभी के नुकसान, आगे के फायदों पर भारी पड़ेंगे।

मध्यप्रदेश में हुआ था राजन का जन्म
राजन का जन्म मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में हुआ था। उनकी स्कूली पढ़ाई दिल्ली के आरकेपुरम के डीपीएस स्कूल में हुई, इसके बाद आईआईटी दिल्ली से 1985 में उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग से ग्रैजुएशन किया।1987 में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, अहमदाबाद से एमबीए की डिग्री ली। फिर 1991 में एमआईटी यूनिवर्सिटी से 'एसेज ऑन बैकिंग' में पीएचडी की। उन्होंने 4 सितंबर 2013 को यूपीए- 2 के कार्यकाल में आरबीआई गवर्नर का पद संभाला था।












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