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केजरीवाल की राह चले सीएम हेमंत सोरेन, बोले सरकारी स्कूलों में अच्छी शिक्षा मेरी प्राथमिकता

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रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आजकल सोशल मीडिया के जरिए लोगों की मदद कर रहे हैं। झारखंड की आम जनता किसी भी तरह की परेशानी होने पर उनसे ट्विटर पर सीधे संपर्क करती है, जिसका वे तुरंत समाधान भी करते हैं। ऐसे ही एक शख्स ने उनसे राज्य की शिक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी इच्छा जताई। जिसके जवाब में मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा कि उनके लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता शिक्षा ही है।

'हमारी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर'

'हमारी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर'

विशाल नाम के ट्विटर यूजर ने उनके पूछा, 'मेरे प्रिय मुख्यमंत्री जी, आज जो सबसे जरुरी है वो है शिक्षा, सरकारी स्कूलों को इतने अच्छे कर दीजिए कि बच्चे प्राइवेट स्कूलों को छोड़कर सरकारी स्कूल आएं। बस मेरी आपसे 5 साल की सरकार से एक ही इच्छा है।धन्यवाद।' इसके जवाब में सोरेन ने कहा, 'बिल्कुल विशाल, हर झारखंडी बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाना हमारी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है।'

अरविंद केजरीवाल ने की तारीफ

इस मामले में अरविंद केजरीवाल ने भी हेमंत सोरेन की सराहना की। इस मामले में अखबर में खबर आई कि झारखंड के स्कूलों को दिल्ली से भी बेहतर बनाया जाएगा। केजरीवाल ने ट्वीट करते हुए कहा, 'आज ये खबर पढ़कर बहुत बहुत अच्छा लगा। भगवान करे हेमंत सोरेन जी अपने मिशन में जरूर कामयाब हों। उनके द्वारा उठाए गए नए नए कदमों से फिर हम सीखेंगे। तभी तो देश आगे बढ़ेगा। कितनी सुंदर बात हो कि देश भर में राज्यों में स्कूल अच्छे करने की होड़ लग जाए।'

'हम सभी से सीखेंगे'

'हम सभी से सीखेंगे'

केजरीवाल के ट्वीट का जवाब देते हुए सोरेन ने कहा, 'धन्यवाद, केजरीवाल जी। विकास एवं सुधार एक सतत प्रक्रिया है। शिक्षा के क्षेत्र में आपकी सरकार ने जो कार्य किए हैं वह पथ प्रदर्शक हैं। झारखंड को एक शाश्वत कल्याणकारी राज्य बनाने के लिए हम सभी से सीखेंगे, सभी से सहयोग लेंगे।' बता दें अरविंद केजरीवाल 16 फरवरी को तीसरी बार दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं।

लोगों ने क्या कहा?

लोगों ने क्या कहा?

सोरेन के ट्वीट पर एक शख्स ने कहा, 'जब देश की हर सरकारें एक दूसरे से सीख कर आगे बढ़ेंगी तभी हमारा देश आगे बढ़ेगा ! अगर देश को आगे बढ़ाना है अगर देश को दुनिया का नंबर वन देश बनाना है तो सब मिलकर कर सकते हैं ! जब काम की बात होगी तभी देश आगे बढ़ेगा नफरत हिंदू मुस्लिम मंदिर मस्जिद से देश आगे कभी नहीं बढ़ सकता है!' एक अन्य यूजर ने कहा, 'आज महसूस हो रहा है कि हमने झारखंड के लिए एक बेहतर सुशासन की कल्पना की है श्री हेमंत सोरेन की नेतृत्व में।'

झारखंड की शिक्षा व्यवस्था कैसी है?

झारखंड की शिक्षा व्यवस्था कैसी है?

शैक्षिक वर्ष 2016-2017 के स्कूली शिक्षा गुणवत्ता सूचकांक (SEQI) में झारखंड की स्थिति ज्यादा ठीक नहीं थी। झारखंड 20 बड़े राज्यों की सूची में 16वें स्थान पर था। अगर इसमें छोटे राज्यों को भी शामिल कर लिया जाए, तो झारखंड का स्थान 21वां हो जाता है। केरल के SEQI से अगर झारखंड की तुलना करें तो झारखंड में कक्षा तीन के छात्र का भाषा में औसत स्कोर जहां 70 है, वहीं केरल में ये 72 है। वहीं गणित के मामले में केरल में स्कोर 72 है और झारखंड में 66 है।

बोर्ड परीक्षा में प्रदर्शन का भी विश्लेषण करना होगा

बोर्ड परीक्षा में प्रदर्शन का भी विश्लेषण करना होगा

अब सरकार को शिक्षा के क्षेत्र में सुधार करने के लिए छात्रों के बोर्ड परीक्षा में प्रदर्शन का भी विश्लेषण करना होगा। साल 2019 में झारखंड में 70.77 फीसदी छात्रों ने 10वीं की परीक्षा पास की थी। 12वीं कक्षा में विज्ञान स्ट्रीम वाले 57 फीसदी बच्चे ही पास हुए थे। हालांकि कॉमर्स में 70.44 और आर्ट्स में 79.91 फीसदी छात्र पास हुए थे।

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English summary
quality of education in government schools is my priority said jharkhand cm hemant soren like arvind kejriwal.
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