Putin's Ghost Train: पुतिन की इस रहस्यमयी ट्रेन से क्यों डरती है दुनिया? सीक्रेट लाइफ का चौंकाने वाला खुलासा!
दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्तियों में गिने जाने वाले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) के हर कदम पर दुनिया की नजर रहती है। उनकी सार्वजनिक उपस्थिति जितनी नियंत्रित होती है, उनकी निजी जिंदगी उतनी ही रहस्यमयी और गुप्त है। जब भी पुतिन किसी बड़े अंतर्राष्ट्रीय दौरे पर होते हैं, तो उनकी सुरक्षा, उनके फैसले और उनके यात्रा के साधन सबसे ज़्यादा चर्चा का विषय बन जाते हैं।
राष्ट्रपति पुतिन 4-5 दिसंबर को भारत के राजकीय दौरे पर नई दिल्ली आ रहे हैं। यह दौरा दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करेगा। इस यात्रा से ठीक पहले, रूस की संसद (स्टेट ड्यूमा) ने भारत के साथ एक महत्वपूर्ण सैन्य समझौते RELOS (Reciprocal Exchange of Logistic Support) को मंजूरी दी है।

यह समझौता दोनों देशों की सेनाओं, युद्धपोतों और सैन्य विमानों को संयुक्त अभ्यास, प्रशिक्षण या आपदा राहत के दौरान रसद सहायता (लॉजिस्टिक्स सपोर्ट) प्रदान करने के लिए एक रूपरेखा तैयार करता है। यह समझौता सैन्य सहयोग और एयरस्पेस तथा बंदरगाहों के उपयोग को सुविधाजनक बनाने के लिए महत्वपूर्ण है।
सीक्रेट लाइफ का राज खोलती पुतिन की 'घोस्ट ट्रेन'
भारत के साथ इस हाई-प्रोफाइल कूटनीति के बीच, एक चीज है जो पुतिन के अति-सुरक्षित लाइफस्टाइल का राज खोलती है- वह है उनकी रहस्यमयी और खास तौर पर डिज़ाइन की गई ट्रेन। यह सिर्फ एक आरामदायक सवारी नहीं है, बल्कि सुरक्षा का ऐसा अभेद्य किला है, जिसे खुफिया एजेंसियों और ट्रैकिंग से बचने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
क्यों कहा जाता है इसे 'घोस्ट ट्रेन'?
पूर्व अधिकारियों के खुलासे और लीक हुए दस्तावेजों के अनुसार, पुतिन अब हवाई यात्रा के बजाय ट्रेन से यात्रा (देश के घरेलू दौरे) करना अधिक पसंद करते हैं, क्योंकि:
- 1. ट्रैकिंग से बचाव: एक विमान के उड़ान भरते ही वह फ़्लाइट रडार पर आ जाता है, लेकिन ट्रेन का उपयोग इन गतिविधियों को छिपाने के लिए किया जाता है।
- 2.सीक्रेट ऑपरेशन: यह ट्रेन किसी भी रेलवे टाइम टेबल या रूसी रेलवे सिस्टम में दर्ज नहीं होती है। ट्रेन का उपयोग 2021 के उत्तरार्ध से-यानी यूक्रेन पर आक्रमण की तैयारी शुरू होने के बाद-बहुत बढ़ गया था।
- 3. पहचान के निशान: यह ट्रेन सामान्य रूसी ट्रेनों की तरह दिखती है, लेकिन शौकिया ट्रेन स्पॉटर्स इसे दो लोकोमोटिव के उपयोग और एक कैरिज पर लगे एक स्पेसिफिक सफेद गुंबद (White Dome) से पहचानते हैं। यह गुंबद एडवांस्ड कम्युनिकेशंस एंटेना के लिए है जो इसे एक स्पेशल ट्रेन बनाता है।
चलता-फिरता 5-स्टार महल: ट्रेन के अंदर क्या है?
पुतिन की यह ट्रेन, जिसमें 20 से अधिक विशेष कैरिज हैं, अंदर से किसी लक्ज़री स्पा या कॉस्मेटोलॉजी सेंटर से कम नहीं है। ये जानकारी एक रूसी कंपनी ज़िरकॉन सर्विस से लीक हुए दस्तावेज़ों से सामने आई है, जिसने इन कैरिजों को डिज़ाइन किया है:
- जिम और स्पा: एक 'स्पोर्ट्स-हेल्थ वैगन' है जिसमें एडवांस्ड जिम इक्विपमेंट लगे हैं। इसमें एक पूर्ण तुर्की स्टीम बाथ और टाइल वाला बाथरूम भी शामिल है।
- कॉस्मेटोलॉजी सेंटर: ट्रेन में एक पूरा कॉस्मेटोलॉजी सेंटर(cosmetology center) भी है, जिसमें मसाज टेबल और हाई-एंड ब्यूटी गैजेट्स मौजूद हैं।
- अभेद्य सुरक्षा: इस पूरी ट्रेन की आउटफिटिंग और रखरखाव का काम सीधे फेडरल सिक्योरिटी सर्विस (FSO), यानी राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार संगठन, के समन्वय में होता है। यहां तक कि कैरिज को सुनने वाले उपकरणों (listening devices) से बचाने के लिए भी डिज़ाइन किया गया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक पुतिन की यह 22 डिब्बों वाली 'भूतिया ट्रेन' करीब 74 मिलियन डॉलर की लागत में तैयार की गई है। यानी भारतीय रुपए में लगभग 600 करोड़ रुपये से भी ज्यादा है!












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