गुरुदासपुर आतंकी हमले का कश्मीर कनेक्शन
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)। पंजाब के पाकिस्तान से लगने वाले गुरुदासपुर शहर में सोमवार को आतंकी हमला तथा कश्मीर घाटी में तेजी से बढ़ती भारत विरोधी गतिविधियों को जोड़ कर देखने की जरूरत है। उसी घाटी में पाक का झंडा बार-बार फहराया जाता है।
उधर आईएसआईएस का झंडा जलाने पर शहर जल उठता है। आईएसआईएस शायद हाल फिलहाल के इतिहास में सबसे बर्बर संगठन है जो धर्म की ऐसी व्याख्या करता है, जिससे बाकी धर्मों को या खत्म होना पड़ेगा या फिर जजिया देना पडेगा। इससे इंकार नहीं किया जा सकता है कि ये आतंकवादी कश्मीर से होते हुए आये हों या फिर कश्मीर में रह रहे अराजक तत्वों ने इन्हें पनाह दी हो।
विजय की वर्षगांठ
कारगिल युद्ध में विजय की वर्षगांठ के अगले दिन पंजाब के गुरुदासपुर में आतंकी हमले से सारे देश के लिए खतरे की घंटी है। ये हमला उन काले-खूनी दिनों को याद दिला गया, जब पंजाब आंतकवाद से बुरी तरह से घायल होने के कारण लथपथ था। गुरुदास हमले में किनका हाथ है, ये अभी साफ नहीं हुआ है। हालांकि कहने वाले लश्कर-ए-तैयबा पर इसकी जिम्मेदारी थोप रहे हैं। हालांकि ये भी कहा जा रहा है कि फिर से सिख आतंकी सक्रिय हो रहे हैं।
जानें कब-कब देश में दहशतगर्दों ने बांटी मौत
वरिष्ठ लेखक धीरेन्द्र पुढीर कहते हैं कि धर्म और देश के बीच का रिश्ता क्या है।आखिर कितनी छूट एक धर्म को चाहिए ताकि वो देश को मान सके। देश के कानून और धर्म की मान्यताओं के बीच टकराव हो तो फिर किस की तरफ झुकाव हो। और सहिष्णुताओं की संहिता के बीच अस्ति्व खो देना कैसा लगता है।एक के बाद एक सवाल है। लेकिन जवाब अगर किसी के पास है तो कोई देना नहीं चाहता और नहीं है तो खोजना नहीं चाहता।













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