किसान आंदोलन: दिल्ली ट्रैक्टर रैली हिंसा में गिरफ्तार किए गए हर प्रदर्शनकारी को 2 लाख रुपये देगी पंजाब सरकार
किसान आंदोलन: दिल्ली ट्रैक्टर रैली हिंसा में गिरफ्तार किए गए हर प्रदर्शनकारी को 2 लाख रुपये देगी पंजाब सरकार
चंडीगढ़, 13 नवंबर: पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने शुक्रवार (12 नवंबर) को 26 जनवरी को दिल्ली में ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए 83 लोगों को मुआवजे के रूप में 2 लाख रुपये देने की घोषणा की। पंजाब सरकार के इस फैसले के बाद केंद्र सरकार और पंजाब सरकार में विवाद खड़ा हो सकता है। पंजाब सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा, "तीन काले कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन का समर्थन करने के लिए मेरी सरकार के रुख को दोहराते हुए, हमने 26 जनवरी को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ट्रैक्टर रैली करने के लिए दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए 83 लोगों को 2 लाख रुपये का मुआवजा देने का फैसला किया है।"

26 जनवरी 2021 को प्रदर्शनकारियों ने नई दिल्ली में प्रवेश करने के लिए बैरिकेड्स तोड़ दिए और 26 जनवरी को किसानों द्वारा आयोजित 'ट्रैक्टर रैली' के विरोध के दौरान राष्ट्रीय राजधानी के कई हिस्सों में पुलिस से भिड़ गए थे। जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 83 लोगों को गिरफ्तार किए थे और कईयों पर केस भी दर्ज किए गए हैं।
किसान आंदोलन से जुड़े प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में स्थित मुगल काल के प्रतिष्ठित स्मारक लाल किले में भी रैली के दौरान 26 जनवरी 2021 को प्रवेश किया था और इसकी प्राचीर से अपने झंडे फहराए थे। लाल किले के कुछ हिस्सों में तोड़फोड़ भी की गई थी।
किसान तीन नए अधिनियमित कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले साल 26 नवंबर से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। किसान नेताओं और केंद्र ने कई दौर की बातचीत की है लेकिन गतिरोध बना हुआ है।
किसान आंदोलन में शामिल किसान केंद्र सरकार द्वारा लाई तीन कृषि कानूनों के विरोध में हैं। वो तीन कृषि कानून हैं- किसान उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) अधिनियम, 2020, किसान अधिकारिता और संरक्षण (मूल्य आश्वासन और कृषि सेवा) अधिनियम 2020 और आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम, 2020।












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