पंजाब विधानसभा चुनाव 2017: बहुत कुछ कहती है रिकार्डतोड़ वोटिंग, क्या बादल सरकार के खिलाफ लोग?
पंजाब में हुई रिकार्डतोड़ वोटिंग बादल सरकार के लिए मुसीबत बन सकती है जिसका फायदा कांग्रेस और आप उठा सकते हैं।
नई दिल्ली। शनिवार को पंजाब विधानसभाचुनाव के लिए जमकर वोटिंग हुई । राज्य के 78.62 प्रतिशत लोगों ने अपने मत डाले हैं। साल 1966 में अलग राज्य बनने के बाद से देखें, तो इस बार की वोटिंग ने सारे रिकार्ड तोड़ दिए है। इस बार का यहां का मुकाबला काफी दिलचस्प माना जा रहा है, क्योंकि ऐसा पहली बार है कि यहां त्रिकोणीय लड़ाई लड़ी जा रही है। बीजेपी-शिरोमणी अकाली दल बनाम कांग्रेस की इस जंग में आम आदमी पार्टी ने रोचक तड़का लगा दिया है।
बहुत कुछ कहती है रिकार्डतोड़ वोटिंग
राजनैतिक विश्लेषकों की मानें तो इस बार की रिकार्ड वोटिंग बादल के लिए मुसीबत और कांग्रेस-आप के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है क्योंकि राज्य के मालवा क्षेत्र से 80 प्रतिशत मतदान की खबर है और ये वो इलाका है जहां के काफी लोग सत्तासीन पार्टी से नाराज चल रहे थे, जिसकी वजह एक नहीं कई है।
मालवा के लोग सरकार से काफी नाराज
मीडिया सूत्रों की जानकारी के मुताबिक मालवा में हाल ही में गुरूग्रंथ साहिब के अपमान की घटना हुई थी और यहां के किसान कपास की फसल बर्बाद होने से बादल सरकार से काफी नाराज थे, उन्हें सरकार की ओर से की गई उपेक्षा से काफी नाराजगी थी और इसी इलाके से बंपर वोटिंग की खबर है, जो कि अनुमान के मुताबिक सरकार के खिलाफ जा सकती है और यहां आप पार्टी अच्छा प्रदर्शन कर सकती है। मालूम हो कि चुनाव आयोग के मुताबिक, मालवा के 11 में से 9 जिलों में मतदाताओं की संख्या रिकॉर्ड 80 फीसदी पार कर गई है।
फरीदकोट में बादल सरकार को मिल सकता है गच्चा
तो वहीं सत्तारूढ़ बादल परिवार के निर्वाचन क्षेत्र- मुक्तसर, भटिंडा और फजिलका में भी रिकॉर्ड मतदान हुआ है, जहां से मतदान इन्हीं के पक्ष में जाने की उम्मीद है लेकिन फरीदकोट जहां हाल ही में गुरुग्रंथ साहिब के अपमान के कारण लोग बादल परिवार पर बरस रहे थे, वहां जबरदस्त रूप से अकाली दल के खिलाफ लहर थी, वहां से भी 80 प्रतिशत वोटिंग की खबर है, जो कि अकाली के विपरीत जा सकती है।
बादल सरकार के खिलाफ लोग, फायदा उठा सकते हैं कांग्रेस-आप
कहा जा रहा है कि बादल सरकार के खिलाफ चल रही लहर का फायदा कांग्रेस और आप उठा सकते हैं इसलिए इन दोनों पार्टियों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। फिलहाल पांच नदियों वाले राज्य पंजाब के लोगों के दिलों में क्या है, इस बात का पता तो चुनाव परिणाम आने पर लगेगा लेकिन ज्यादा से ज्यादा मतदान इस बात का ताजा सबूत है कि अब राज्यवासी अपने हक और सरकार के लिए सजग हो गए हैं।













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