अमेजॉन के कर्मचारी ने ही चुरा लिए कंपनी के 234 मोबाइल, चोरी का तरीका जानकर रह जाएंगे दंग
पुणे। अमेजॉन कंपनी के ऑनलाइन मोबाइल के स्टॉक से 234 मोबाइल चुराने के मामले में पुणे पुलिस ने एक चोर को गिरफ्तार किया है। यह चोर पिछले एक साल से पुणे एअरपोर्ट से स्टॉक में आए मोबाइल की चोरी करके लोगों को बेचकर लाखों कमा रहा था। चौकाने वाली बात ये है कि इस चोरी को अमेजॉन कंपनी में काम करने वाले कर्मचारी ने ही अंजाम दिया था।

मैनेजर ने मामले में शिकायत दर्ज करवायी थी
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार पुणे शहर में पिछले एक साल से अमेजॉन ट्रांसपोर्टेशन सर्विसेस प्रा. लि. कंपनी में ऑनलाइन मोबाइल के स्टॉक में काफी मोबाइल गायब पाए जाने की वजह से कंपनी के सिक्योरिटी लॉस प्रिवेंशन मैनेजर प्रणव बोराले ने इस मामले में शिकायत दर्ज करवायी थी। इस मामले में पुणे पुलिस क्राइम ब्रांच युनिट 1 ने सूरज सुरेश कदम (उम्र 25, निवासी धानोरी, पुणे) को गिरफ्तार किया है। पुलिस को खबर मिली थी कि एक व्यक्ति ऑनलाइन मोबाइल डायरेक्ट बेचता है, उस पर नजर रखकर पुलिस ने सूरज कदम को गिरफ्तार किया। पुलिस ने अबतक आरोपी के पास से 45 मोबाइल कुल कीमत 10 लाख 38 हजार रुपए का माल जब्त किया है।

कैसे करता था मोबाइल की चोरी
अमेजॉन कंपनी से ग्राहक ऑनलाइन मोबाइल मंगवाते थे, मोबाइल का स्टॉक पुणे एयरपोर्ट में भेजे जाते थे, कस्टम विभाग द्वारा चेकिंग के दौरान ही सूरज कदम मोबाइल स्टॉक में से दो से तीन मोबाइल चोरी कर लिया करता था और उन मोबाइल को दूसरे ग्राहकों को बिल सहित बेच दिया करता था। सूरज कदम यह चोरी पिछले एक साल से कर रहा था, कंपनी को मोबाइल स्टॉक में कुछ गड़बड़ लगा, जिसकी वजह से कंपनी को शक था कि कोई उनके मोबाइल चोरी कर रहा है। इसकी शिकायत कंपनी के मैनेजर ने विमाननगर पुलिस स्टेशन में की थी।

कैसे आया चोरी की आइडिया
सूरज कदम पिछले चार सालों से अमेजॉन कंपनी में काम किया करता था। एअरपोर्ट से मोबाइल के स्टॉक लेने का काम सूरज कदम ही किया करता था। चेकिंग के दौरान मोबाइल स्टॉक का पैकिंग फटा हुआ था, जिसमें से तीन मोबाइल सूरज कदम ने चुराए थे। तीन मोबाइल गायब होने की बात कंपनी के स्टॉफ और अधिकारी के उस समय ध्यान में नहीं आई। सूरज कदम को लगा कि इस तरह से मोबाइल चोरी करने उसकी चोरी कभी पकड़ में नहीं आएगी। पिछले एक साल से चोरी किए गए मोबाइल को बेचकर सूरज कदम ने 25 से 30 लाख रूपए कमाए थे। उन पैसों से उसने लोन की रकम चुकता की थी और बाकी के पैसों को शराब में उड़ा दिया था।

कैसे बेचे चोरी के मोबाइल
वन प्लस, रेडिमी, सैमसंग जैसे मोबाइल जो सिर्फ ऑनलाइन मिलते हैं, ऐसे मोबाइल को चोरी करके डॉयरेक्ट बेचा करता था। वो ऐसे ग्राहकों को टारगेट किया करता था जिन्हें ऑनलाइन मोबाइल डायरेक्ट चाहिए होते थे। कुछ मोबाइल ओएलएक्स के जरिए भी बेचकर लाखों रूपए कमाए थे। ग्राहकों को बिल सहित मोबाइल बेचने की वजह चोरी के मोबाइल होने की शंका नहीं होती थी। चोरी किए हुए मोबाइल सूरज कदम ओएलक्स पर दूसरों को बेचा करता था।












Click it and Unblock the Notifications