पुलवामा हमला: सुरक्षाबलों से डरे जैश ने कश्मीर में अपने ठिकाने बदले, LoC पर सेना हाई अलर्ट पर
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नई दिल्ली। 14 फरवरी को पुलवामा में सीआरपीएफ कॉन्वॉय पर आतंकी हमले के बाद जम्मू कश्मीर में सक्रियता काफी बढ़ गई है। रक्षा सूत्रों की ओर से बताया गया है कि एलओसी पर पाकिस्तान सेना की गतिविधियां काफी बढ़ गई है और इस समय हाई ऑपरेशनल अलर्ट पर हैं। आपको बता दें कि पिछले गुरुवार को दक्षिण कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से पाकिस्तान को चेतावनी दी गई है। उन्होंने कहा है कि इस हमले के गुनाहगारों को हरगिज बख्शा नहीं जाएगा।

आबादी वाली जगहों पर पहुंचे जैश के आतंकी
न्यूज एजेंसी एएनआई की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक इंडियन आर्मी लगातार एलओसी पर हालात को लेकर रक्षा मंत्रालय को जानकारी दे रही है। इसके अलावा सीनियर ऑफिसर्स को भी लगातार कश्मीर से जुड़े घटनाक्रमों के बारे में पल-पल की जानकारी दी जा रही है। सेना के सूत्रों की मानें तो जैश-ए-मोहम्मद ने अपने ठिकानों को अब उन जगहों पर शिफ्ट कर दिया है जहां पर आबादी काफी ज्यादा है। उन्हें लगातार सुरक्षाबलों की ओर से कार्रवाई का डर सता रहा है। सोमवार को पाकिस्तान ने अपने हाई कमिश्नर को भी वापस बुला लिया है।

दबाव से डरा है पाकिस्तान
जम्मू कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को हुए आतंकी हमले के बाद से ही पाकिस्तान में भी अफरा-तफरी का माहौल है। पाकिस्तान की ओर से भले हर हमले में हाथ होने से इनकार कर दिया गया हो लेकिन कहीं न कहीं उस पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ता जा रहा है। शनिवार को यह खबर आई थी कि पाकिस्तान हमले के बाद से ही बने अंतरराष्ट्रीय दबाव से परेशान है और इसी वजह से उसने अपनी सेनाओं को जम्मू कश्मीर से सटी एलओसी और इंटरनेशनल बॉर्डर पर हाई अलर्ट कर दिया है। भारत की ओर से पाकिस्तान पर दबाव बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के बीच सभी डिप्लोमैटिक कदम उठाए जा रहे हैं।

सरकार ने सेनाओं को दी खुली छूट
भारत ने शुक्रवार को साफतौर पर पुलवामा हमले के लिए पाकिस्तान को दोषी ठहराया है। इसके साथ ही भारत के विदेश मंत्रालय के अधिकारी यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल के पी5 देशों से मुलाकात करने में लग गए।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भी पाकिस्तान को बदले की चेतावनी दी गई है। उन्होंने साफ कर दिया है कि सेनाएं तय करें कि उन्हें इस हमले का बदला कैसे लेना है। सरकार की ओर से सेनाओं को पूरी छूट दे दी गई है। पाकिस्तान ने भी पी5 देशों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और पुलवामा हमले को भारत का प्रपोगेंडा बताया।

हर स्थिति के लिए तैयार रहे पाकिस्तान
पाकिस्तान में अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता रिचर्ड स्नेलसाइर की ओर से बताया गया है कि मेरिकी राजदूत पॉल जोन्स ने पाकिस्तान की विदेश सचिव तहमिना जंजुआ के बीच मीटिंग हुई थी। रिचर्ड ने मीटिंग से जुड़ी जानकारियों को साझा करने से मना कर दिया। वहीं सूत्रों की मानें तो इस मीटिंग में पाकिस्तान को अमेरिका ने हमले के बाद होने वाली स्थितियों के बारे में साफ-साफ संदेश दे दिया है। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपेयो की ओर से भी यही बात कही गई है और उन्होंने साफ कर दिया है कि पाक को देश के अंदर मौजूद आतंकी ठिकानों को खत्म करना होगा।












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