आज हड़ताल पर देशभर के बैंक, सिर्फ इन बैंकों में होगा काम

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    Bank strike on August 22, financial services get affected | वनइंडिया इंडिया

    नई दिल्ली। आज अगर आप बैंक जा रहे हों तो पहले यह पता कर लें कि आपका बैंक खुला है या नहीं। दरअसल, आज देश भर के सरकारी बैंक के कर्मचारी हड़ताल पर हैं। ऐसे में आज बैंकों में कोई काम नहीं हो सकेगा। युनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर आज की देशव्यापी हड़ताल में 10 लाख बैंक कर्मियों के शामिल हो सकते हैं।

    काम काज होगा प्रभावित

    काम काज होगा प्रभावित

    इंडियन बैंक एसोसिएशन (आईबीए) ने पहले से ही ग्राहकों को सूचित किया है कि हड़ताल के चलते शाखाओं और कार्यालयों के कामकाज प्रभावित हो सकते हैं। इसने बैंकों से भी प्रभाव को कम करने के लिए अग्रिम उपाय करने के लिए कहा है। बैंक की शाखाओं में जमा और निकासी, निकासी की जांच, एनईएफटी और आरटीजीएस लेनदेन सरीखे काम प्रभावित होंगे।

    लेकिन यहां होगा काम

    लेकिन यहां होगा काम

    हालांकि आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक जैसे निजी बैंको में हड़ताल नहीं है। ऐसे में अगर आपके खाते प्राइवेट बैंकों में हैं तो आपको दिक्कत नहीं होगी। यहां सभी काम काज सामान्य रूप से चलते रहेंगे।

    ये हैं हड़ताली समूह

    ये हैं हड़ताली समूह

    यूएफबीयू, अखिल भारतीय बैंक अधिकारियों के परिसंघ (एआईबीओसी), ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (एआईबीईए) और बैंक वर्कर्स नेशनल ऑर्गनाइजेशन (एनओबीडब्ल्यू) सहित 9 यूनियनों का एक समूह है।

    ये हैं समूहों की मांगे

    ये हैं समूहों की मांगे

    बता दें कि हड़ताल पर जा रहे संगठनों कहा कहना है कि उनकी हड़ताल सरकार के जनविरोधी बैंकिंग सुधारों को लेकर है। संगठनों ने बैंकिंग शुल्कों में वृद्धि को भी अनुचित माना है। खराब ऋणों की वसूली के लिए कठोर उपाय तथा एफडीआरडीआइ बिल वापसी की मांग प्रमुख है। इस तरह छह मांगें सरकार के समक्ष रखी गई हैं।

    विलयीकरण ना हो

    विलयीकरण ना हो

    मांग है कि बैंकिंग क्षेत्र में पब्लिक सेक्टर बैंकों के निजीकरण और विलयीकरण ना किया जाए। संगठनों की कहना है कि बैंक बोर्ड ब्यूरो का गठन सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को एक बैकिंग निवेश कंपनी के तहत लाने के लिए किया गया है। जिससे सरकारी बैंकों में सरकारी हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से कम हो जाएगी।

    घोषित किए जाएं अपराधी

    घोषित किए जाएं अपराधी

    मांग है कि एनपीए वसूली पर पार्लियामेंट कमेटी की संस्तुतियां लागू की जाएं और जानबूझकर ऋण ना अदा करने वालों को अपराधी घोषित किया जाए।

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