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मिलिए सुप्रीम कोर्ट की तीनों महिला न्यायाधीश से, जिन्होंने बनाया इतिहास

नई दिल्ली: केंद्र सरकार और न्यायपालिका के बीच लंबे समय से जारी गतिरोध उस वक्त समाप्त हो गया जब सुप्रीम कोर्ट के कोलेजियम की सिफारिशों को मानते हुए उत्तराखंड के चीफ जस्टिस केएम जोसेफ को पदोन्नति देने पर सरकार राजी हो गई। इसके अलावा केंद्र सरकार ने मद्रास हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस इंदिरा बनर्जी और ओडिशा हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस विनीत शरण को भी पदोन्नति देकर सुप्रीम कोर्ट भेजने की सिफारिश मंजूर कर ली। वहीं, 68 सालों में ऐसा पहली बार है जब सुप्रीम कोर्ट में एक साथ तीन महिला जज दिखाई देंगी।

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इंदिरा बनर्जी को सुप्रीम कोर्ट की 8वीं महिला जज

इंदिरा बनर्जी को सुप्रीम कोर्ट की 8वीं महिला जज

सरकार द्वारा मंजूरी मिलने के बाद मद्रास हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस इंदिरा बनर्जी को सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किया गया है। इंदिरा मुखर्जी सुप्रीम कोर्ट की 8वीं महिला जज होंगी। इनके अलावा फातिमा बीबी, रुमा पाल, ग्यान सुधा मिश्रा, रंजना प्रकाश देसाई, सुजाता वी मनोहर, आर बानुमति और अप्रैल में सुप्रीम कोर्ट की जज नियक्त की गई इंदु मल्होत्रा का नाम इस लिस्ट में है।

कौन हैं इंदिरा बनर्जी

कौन हैं इंदिरा बनर्जी

इंदिरा बनर्जी सुप्रीम कोर्ट की जज बनने वाली 8वीं महिला हैं। इनका जन्म 24 सिंतबर 1957 को हुआ था। उनकी शुरूआती पढ़ाई लॉरेटो स्कूल, कोलकाता में हुई। उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा प्रेसिडेंसी कॉलेज और इसके बाद कोलकाता यूनिवर्सिटी से पूरी की। उन्होंने कोलकाता हाईकोर्ट में बतौर वकील प्रैक्टिस भी की। 5 जनवरी 2002 को इंदिरा बनर्जी को कोलकाता हाईकोर्ट का स्थाई जज नियुक्त किया गया जिसके बाद 8 अगस्त 2016 को दिल्ली हाईकोर्ट में बतौर जज ट्रांसफर हुआ। उन्हें 5 अप्रैल 2017 को मद्रास हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया। इंदिरा बनर्जी ने जस्टिस संजय किशन कौल की जगह ली थी।

आर बानुमति ने जलीकट्टू पर लगाया था प्रतिबंध

आर बानुमति ने जलीकट्टू पर लगाया था प्रतिबंध

आर. बानुमति तमिलनाडु की रहने वाली हैं और उनका जन्म 20 जुलाई 1955 को हुआ था। आर. बानुमति को 2003 में मद्रास हाईकोर्ट का जज नियुक्त किया गया था। मद्रास हाईकोर्ट की जज आर बानुमति ने ही पहली बार जलीकट्टू खेल पर पाबंदी लगाई थी। साल 2013 में उन्हें झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में नियुक्त किया था। इसके बाद साल 2014 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किया गया था। सेशन जज से सुप्रीम कोर्ट तक का सफर तय करने वाली बानुमति देश की केवल दूसरी महिला है।

कौन हैं इंदु मल्होत्रा

कौन हैं इंदु मल्होत्रा

इंदु मल्होत्रा पहली महिला वकील हैं जिन्हें सीधे सुप्रीम कोर्ट की जज बनाया गया। वैसे इससे पहले सुप्रीम कोर्ट की पहली महिला जज बनने का रिकॉर्ड एम फातिमा बीवी के नाम था, जो कि साल 1898 में देश की सर्वोच्च अदालत की न्यायाधीश बनी थीं। इंदु मल्होत्रा का जन्म 1956 में बेंगलुरु में हुआ था, इनके पिता का नाम ओम प्रकाश मल्होत्रा है और वो भी सुप्रीम कोर्ट में वकील थे। इंदु मल्होत्रा के बड़े भाई और बड़ी बहन भी वकील हैं। इंदु मल्होत्रा की शुरुआती पढ़ाई कॉर्मल कॉन्वेंट स्कूल से की है, इसके बाद उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी श्रीराम कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस में ग्रैजुएशन और फिर मास्टर डिग्री हासिल की है। पांच साल के अंदर ही इंदु ने सुप्रीम कोर्ट में वकालत करने के लिए होने वाली परीक्षा में पहला स्थान हासिल किया था। 1988 में 26 नवंबर को इन्हें मुकेश गोस्वामी मेमोरियल अवॉर्ड से नवाजा भी जा चुका है।

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