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मिलिए जस्टिस केएम जोसेफ, इंदिरा बनर्जी और विनीत सरन से, जो बनेंगे सुप्रीम कोर्ट के नए जज

By Kamal Kumar
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    नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के कोलेजियम की सिफारिशों को मानते हुए उत्तराखंड के चीफ जस्टिस केएम जोसेफ को पदोन्नति देने पर केंद्र सरकार राजी हो गई। इसके अलावा मद्रास हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस इंदिरा बनर्जी और ओडिशा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस विनीत शरण को भी पदोन्नति देकर सुप्रीम कोर्ट भेजने की सिफारिश मंजूर कर ली। इसके पहले जस्टिस केएम जोसेफ के नाम को लेकर काफी समय तक न्यायपालिका और सरकार में गतिरोध बना हुआ था। पहली बार कोलेजियम की सिफारिश को सरकार ने लौटा दिया था लेकिन दूसरी सिफारिश को मंजूर करने के साथ ही जस्टिस केएम जोसेफ के सुप्रीम कोर्ट का जज बनने का रास्ता साफ हो गया। आइए, जानते हैं सुप्रीम कोर्ट के तीन नए जजों के बारें में..

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    जस्टिस जोसेफ ने उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन खारिज करने का दिया था फैसला

    जस्टिस जोसेफ ने उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन खारिज करने का दिया था फैसला

    जस्टिस जोसेफ उस पीठ के प्रमुख थे जिसने 2016 में उत्तराखंड में कांग्रेस सरकार को हटाकर राष्ट्रपति शासन लगाने के मोदी सरकार के फैसले को खारिज किया था। केएम जोसेफ का जन्म 17 जुन 1958 को कोच्चि में हुआ था। उनके पिता केके मैथ्यू भी सुप्रीम कोर्ट के जज रह चुके हैं। केएम जोसेफ ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा केंद्रीय विद्यालय, कोच्चि और दिल्ली से पूरी की। इसके बाद उन्होंने लोयला कॉलेज चेन्नई, गवर्नमेंट लॉ कॉलेज, इराकुल्लम से स्नातक की डिग्री हासिल की। 12 जनवरी 1982 को वकालत की डिग्री लेने के बाद दिल्ली हाईकोर्ट में प्रैक्टिस शुरू की। इसके बाद उन्होंने केरल हाईकोर्ट में भी प्रैक्टिस की। उन्होंने सिविल और संवैधानिक मामलों में दक्षता हासिल कर ली। पहली बार वो केरल हाईकोर्ट में बतौर जज 14 अक्टूबर 2004 को नियुक्त किए गए।

    18 जुलाई 2014 को उन्हें उत्तराखंड के चीफ जस्टिस के रूप में नियुक्त किया गया। 31 जुलाई 2014 उन्होंने उत्तराखंड के चीफ जस्टिस के रूप में शपथ ली। जब सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किए जाने को लेकर कोलेजियम ने उनके नाम की सिफारिश केंद्र सरकार से की तो सरकार ने उनका नाम लौटा दिया गया था और न्यायपालिका के साथ गतिरोध उत्पन्न हो गया था।

    8वीं महिला जज बनीं इंदिरा बनर्जी

    8वीं महिला जज बनीं इंदिरा बनर्जी

    इंदिरा बनर्जी सुप्रीम कोर्ट की जज बनने वाली 8वीं महिला हैं। इनका जन्म 24 सिंतबर 1957 को हुआ था। उनकी शुरूआती पढ़ाई लोरेटो स्कूल, कोलकाता में हुई। उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा प्रेसिडेंसी कॉलेज और इसके बाद कोलकाता यूनिवर्सिटी से पूरी की। उन्होंने कोलकाता हाईकोर्ट में बतौर वकील प्रैक्टिस भी की। 5 जनवरी 2002 को इंदिरा बनर्जी को कोलकाता हाईकोर्ट का स्थाई जज नियुक्त किया गया जिसके बाद 8 अगस्त 2016 को दिल्ली हाईकोर्ट में बतौर जज ट्रांसफर हुआ। उन्हें 5 अप्रैल 2017 को मद्रास हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया। इंदिरा बनर्जी ने जस्टिस संजय किशन कौल की जगह ली थी।

    जस्टिस विनीत सरन

    जस्टिस विनीत सरन

    विनीत सरन का जन्म 11 मई 1957 को हुआ था। इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से 1976 में स्नातक की डिग्री लेने के बाद उन्होंने 1979 में एलएलबी किया। यूपी बार काउंसिल के साथ बतौर वकील 1980 में जुड़े और इलाहाबाद हाईकोर्ट में प्रैक्टिस भी की। आगे चलकर उन्होंने 14 फरवरी 2002 में इलाहाबाद हाईकोर्ट का जज नियुक्त कर दिया गया। 16 फरवरी 2015 को उनका तबादला हुआ और कर्नाटक हाईकोर्ट के जज के रूप में अपनी सेवाएं देते रहे। इसके बाद 22 फरवरी 2016 को राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने जस्टिस विनीत सरन को ओडिशा हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया था जिन्होंने 26 फरवरी को चीफ जस्टिस के रूप में शपथ ली थी।

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    English summary
    profiles of supreme court judges km joseph, Indira Banerjee and vineet saran

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