लोकसभा चुनाव 2019: सीकर लोकसभा सीट के बारे में जानिए

नई दिल्ली: राजस्थान की सीकर लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद भाजपा के स्वामी सुमेधानन्द सरस्वती हैं। साल 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने इस सीट पर कांग्रेस के प्रताप सिंह जाट हराया था। सुमेधानंद सरसवती को जहां 49, 94, 28 वोट मिले थे तो वहीं कांग्रेस के प्रताप सिंह जाट को 26, 02, 32 वोट हासिल हुए थे। साल 2014 के चुनाव में इस सीट पर नंबर 2 पर कांग्रेस और नंबर 3 पर आईएनडी थी। सीकर को शेखावाटी के नाम से भी जाना जाता है। सीकर एक एतिहासिक शहर है जहां पर कई हवेलियां है जो कि मुग़लकालीन वास्तुकला का अभूतपूर्व नमूना हैं, जिन्हें देखने के लिए लाखों की संख्या में पर्यटक यहां आते हैं। सीकर की जनसंख्या 26 लाख 90 हजार 773 है, जिनमें से 78 प्रतिशत आबादी गांवों में और 21 प्रतिशत शहरों में निवास करती है। सीकर में 82 प्रतिशत लोग हिंदू धर्म में और 12 प्रतिशत लोग इस्लाम धर्म में भरोसा करते हैं।

profile of Sikar lok sabha constituency

सीकर लोकसभा में 6 सीटें-

सीकर संसदीय क्षेत्र में 8 विधानसभा की सीटें आती हैं, साल 1952 में यहां पहली बार आम चुनाव हुए थे, जिसे राम राज्य परिषद के नंद लाल शर्मा ने जीता था और वो यहां के पहले सांसद बने थे। इसके बाद यहां कांग्रेस का राज हो गया। साल 1957 और 1962 का चुनाव कांग्रेस ने जीता तो वहीं 1967 का चुनाव जनसंघ के नाम रहा लेकिन 1971 के चुनाव में एक बार फिर से बाजी कांग्रेस के हाथ लगी। वहीं साल 1977 का चुनाव इस सीट पर जनता पार्टी ने जीता और 1980 में भी उसी का राज यहां पर रहा लेकिन साल 1984 में कद्दावर नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री बलराम जाखड़ ने यहां कांग्रेस को जीत दिलाई और उसके बाद साल 1989 के चुनाव में जनता पार्टी के दिग्गज नेता देवी लाल ने जीत दर्ज की लेकिन साल 1991 में एक बार फिर इस सीट पर कांग्रेस की वापसी हुई और बलराम जाखड़ यहां से जीतकर लोकसभा पहुंचे ।

साल 1996 के चुनाव में भी कांग्रेस ही यहां जीती और इस बार यहां से सांसद बने डॉ. हरि सिंह, साल 1998 में यहां भाजपा का जीत के साथ आगाज हुआ और सुभाष महारिया यहां से सांसद चुने गए और उन्होंने इस सीट पर जीत की हैट्रिक पूरी की और वो लगातार तीन बार इस सीट पर निर्वाचित हुए, साल 2009 के चुनाव में लंबे अरसे के बाद कांग्रेस की वापसी हुई लेकिन साल 2014 के चुनाव में उसे फिर से यहां शिकस्त झेलनी पड़ी और भाजपा के सुमेधानंद सरसवती यहां से सांसद चुने गए।

सुमेधानन्द सरस्वती का लोकसभा में प्रदर्शन

सुमेधानन्द सरस्वती ने चुनावी दंगल में पहली बार 16वीं लोक सभा चुनाव के लिए 2014 में चुनाव लड़ा था, उस वक्त उनकी सम्पति मात्र 34 हजार तीन सौ ग्यारह रुपये थी। यह 16वीं लोकसभा के सांसदों में सबसे कम सम्पति वाले सांसद हैं। दिसंबर 2018 की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 5 सालों के दौरान उनकी लोकसभा में उपस्थिति 92 प्रतिशत रही है और इस दौरान उन्होंने 84 डिबेट में हिस्सा लिया और 544 प्रश्न पूछे हैं। उस साल यहां कुल वोटरों की संख्या 17 लाख 70 हजार 424 थी, जिनमें से मात्र 10 लाख 65 हजार 750 मतदाताओं ने अपने मत का प्रयोग किया, जिनमें पुरुषों की संख्या 5,55,682 और महिलाओ की संख्या 5,10,068 थी।

लंबे वक्त से इस सीट पर भाजपा और कांग्रेस का ही मुकाबला होता आया है, कभी बाजी बीजेपी के हाथ लगी तो कभी पंजे के हाथ, इस बार राज्य में कांग्रेस की सरकार है तो वहीं भाजपा राज्य की सत्ता बाहर हो गई है, ऐसे समय पर जहां बीजेपी की पूरी कोशिश सीकर लोकसभा सीट अपने पास बचाकर रखने की होगी वहीं दूसरी ओर कांग्रेस इस सीट पर अपनी हार का बदला लेने का हर संभव प्रयास करेगी, देखते हैं सीकर की जनता दोनों में से किसका साथ देती है।

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