लोकसभा चुनाव 2019: शिरडी लोकसभा सीट के बारे में जानिए

नई दिल्ली: महाराष्ट्र की शिरडी लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद शिवसेना के सदाशिव लोखंडे हैं। उन्होंने साल 2014 के लोकसभा चुनाव में इस सीट पर कांग्रेस के कद्दावर नेता भाउसाहेब राजाराम वाकचौरे को 199,922 वोटों से पराजित किया था। सदाशिव लोखंडे को यहां पर 532, 936 वोट मिले थे जबकि भाऊसाहब वाकचौरे को 333, 104 वोटों पर संतोष करना पड़ा था, जबकि आम आदमी पार्टी के नेता नितीन उजमुले को 115,80 वोट मिले थे, जो कि यहां तीसरे नंबर पर थे।

profile of Shirdi lok sabha constituency

शिरडी लोकसभा सीट का इतिहास

अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित शिरडी सीट 2008 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई, जिसके बाद साल 2009 में यहां पहली बार आम चुनाव हुए, जिसमें शिवसेना के भाउसाहेब राजाराम वाकचौरे 54.21 फीसदी वोट पाकर विजयी हुए और यहां से सांसद बने, साल 2014 के चुनाव में वो कांग्रेस के टिकट पर यहां से लड़े लेकिन शिवसेना के सदाशिव लोखंडे से उन्हें हार झेलनी पड़ी, यह हार भाउसाहेब राजाराम वाकचौरे के लिए बहुत बड़ा झटका थी।

सदाशिव लोखंडे का लोकसभा में प्रदर्शन

दिसंबर 2018 की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले पांच सालों के दौरान लोकसभा में सांसद सदाशिव लोखंडे उपस्थिति 73 प्रतिशत रही है और इस दौरान उन्होंने 19 डिबेट में हिस्सा लिया है और 520 प्रश्न पूछे हैं। सदाशिवराव लोखंडे सांसद बनने से पहले वे तीन बार अहमदनगर जिले की अकोले सीट से विधायक चुने गए थे। बीजेपी ने 2009 के विधानसभा चुनाव में लोखंडे को चेंबूर सीट से उम्मीदवार बनाने की घोषणा की थी, जिसे ठुकराते हुए उन्होंने भाजपा को छोड़कर पार्टी बदल ली और शिवसेना में आ गए और साल 2014 का चुनाव उन्होंने शिवसेना के टिकट पर ही शिरडी से लड़ा और वो यहां से जीतकर लोकसभा पहुंचे।

शिरडी, परिचय-प्रमुख बातें-

आस्था का केंद्र शिरडी महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले से लगभग 83 किमी दूर स्थित है। यह स्थान सांई बाबा के मंदिर की वजह से देश में ही नहीं बल्कि विदेश में भी मशहूर है, सांईं बाबा के दर्शन करने के लिए हजारों की संख्या में भक्तगण यहां रोज आते हैं, शिरडी में साईं बाबा का पवित्र मंदिर साई की समाधि के ऊपर बनाया गया है, साईं के कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए इस मंदिर का निर्माण 1922 में किया गया था, साईं 16 साल की उम्र में शिरडी आए और चिरसमाधि में लीन होने तक यहीं रहे, साईं को लोग आध्यात्मिक गुरु और फकीर के रूप में भी जानते हैं, हिंदू-मुस्लिम सभी के लिए बेहद पावन शिरडी धाम की आबादी 21 लाख 41 हजार 156 है, जिसमें से 84 प्रतिशत लोग गांवों में और 15 प्रतिशत लोग शहरों में रहते हैं, यहां 12 प्रतिशत लोग SC और 13 प्रतिशत लोग ST वर्ग के हैं।

साल 2014 के चुनाव में इस सीट पर नंबर दो पर कांग्रेस, नंबर तीन आप और नंबर 4 पर बसपा थी, उस साल यहां कुल मतदाताओं की संख्या 14,59,712 थी, जिसमें से मात्र 9,32,645 लोगों ने अपने मतों का प्रयोग किया था, जिसमें पुरुषों की संख्या 5,20,229 और महिलाओं की संख्या 4,12,416 थी। इसमें कोई शक नहीं कि सदाशिव लोखंडे की जीत में मोदी लहर का भी बहुत बड़ा हाथ था, आपको बता दें कि साल 2014 के चुनाव में भाजपा और शिवसेना ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। हालांकि इस वक्त देश में सियासी समीकरण बदले हुए हैं, हाल ही में हुए तीन बड़े राज्यों में भाजपा की हार हुई है और कांग्रेस को सफलता मिली है, जिससे कांग्रेस इस वक्त आत्मविश्वास से भरी हुई है, ऐसे में सवाल उठता है कि क्या एक बार फिर से यहां शिवसेना को कामयाबी मिलेगी या फिर कांग्रेस की इस सीट पर वापसी होगी, फिलहाल इसमें कोई शक नहीं कि इस बार की जंग काफी जबरदस्त है, जिसमें जीत का सेहरा उस पार्टी के सिर पर बंधेगा, जिसे यहां की जनता चुनेगी और वो किसके नाम पर मुहर लगाएगी, इसका खुलासा तो चुनावी नतीजे ही करेंगे।

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