लोकसभा चुनाव 2019: शिमला लोकसभा सीट के बारे में जानिए
Recommended Video

नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश की शिमला लोकसभा से इस वक्त भारतीय जनता पार्टी के नेता वीरेंद्र कश्यप सांसद हैं, जिन्होंने साल 2014 में कांग्रेस नेता मोहन लाल ब्रक्ता को 84 हजार 187 वोटों से हराया था। इस सीट पर तीसरे स्थान पर आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार सुभाष चंदर रहे थे जिन्हें 14,233 वोट प्राप्त हुए थे। सीपीआई(एम) उम्मीदवार जगत राम को इस सीट पर 11,434 वोट प्राप्त हुए थे जबकि इस सीट पर नोटा के पक्ष में 7,787 मत पड़े थे। इस सीट पर कुल 7,37,756 मत (64 फीसदी) पड़े थे।

शिमला लोकसभा सीट में 16 विधानसभा क्षेत्र
हिमाचल प्रदेश की शिमला लोकसीट आरक्षित (अनुसूचित जाति) निर्वाचन क्षेत्र है। इसके अंतर्गत सिरमौर जिले के पांच, सोलन के पांच और शिमला के सात विधानसभा क्षेत्र यानी कुल 17 विधानसभा क्षेत्र आते हैं। जिला शिमला का रामपुर विधानसभा क्षेत्र इस लोकसभा सीट के अंतर्गत नहीं आता है।
भारतीय जनता पार्टी के नेता वीरेंद्र कश्यप इस सीट से लोकसभा सांसद हैं। वे 2009 और 2014 के आम चुनावों में हिमाचल प्रदेश की इस लोकसभा सीट से सांसद चुने जा चुके हैं। साल 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार वीरेंद्र कश्यप को 3,85,973 मत प्राप्त हुए थे। उनके निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस के मोहन लाल ब्रक्ता को 3,01,786 प्राप्त हुए थे। वीरेंद्र कश्यप इस सीट से साल 2009 के लोकसभा चुनाव में भी जीत दर्ज कर चुके हैं। वीरेंद्र कश्यप को तब 4,10,946 मत प्राप्त हुए थे और उनके निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस के धनी राम शंडील को 3,83,619 मत प्राप्त हुए थे। उस चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार नेता ने कड़े मुकाबले में 27,327 वोटों से कांग्रेस नेता को मात दी थी। साल 2009 के बाद से शिमला की लोकसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार जीतते रहे हैं। साल 2014 में इस सीट पर कुल 64 फीसदी वोटिंग हुई थी। साल 2014 के लोकसभा चुनाव में 4 लाख 03 हजार 332 पुरुषों ने अपने मत का प्रयोग किया था जबकि 3 लाख 34 हजार 425 महिलाओं ने इस चुनाव में मतदान किया था।
वीरेंद्र कश्यप
वीरेंद्र कश्यप एक किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। 67 साल के वीरेंद्र कश्यप और सामाजिक कार्यों से भी जुड़े रहे हैं। उन्होंने एमएससी (भौतिकी), हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की है। पिछले 5 सालों के दौरान लोकसभा में कश्यप की उपस्थिति 93 फीसदी रही है तो वहीं इन्होंने 63 डिबेट में हिस्सा लिया और 196 प्रश्न पूछे हैं। वीरेंद्र कश्यप 1998-2003 तक हिमाचल प्रदेश विपणन बोर्ड के सभापति रहे। वे भारतीय खाद्य निगम संबंधी परामर्शदात्री समिति, हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष भी रहे हैं।
शिमला- एक परिचय
पहाड़ियों के बीच बसा शिमला बहुत ही खूबसूरत शहर है। बड़ी संख्या में यहां पर्यटक हर साल आते हैं। बर्फबारी का लुत्फ उठाने के लिए यहां पर्यटक आते हैं। बर्फबारी के दौरान शिमला की खूबसूरती देखते ही बनती है। इस शहर की आबादी 18 लाख 20 हजार 405 है,जिसमें 80.75 फीसदी आबादी ग्रामीण इलाकों में रहती है और 19.25 फीसदी आबादी शहरों में निवास करती है। शिमला में एसएसी समुदाय के 27.91 फीसदी लोग हैं जबकि 2.36 फीसदी एसटी समुदाय की आबादी निवास रहती है। शिमला की खोज अंग्रेजों ने साल 1819 में की थी। 1864 में, शिमला को भारत में ब्रिटिश राज की ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किया गया था। शिमला को पहाड़ों की रानी के रूप में भी जाना जाता है। 1814-16 के गोरखा युद्ध के बाद सैनिक टुकड़ियों के सुरक्षित जगह पर आराम के लिये इसका इस्तेमाल किया गया था।












Click it and Unblock the Notifications