लोकसभा चुनाव 2019: गढ़वाल लोकसभा सीट के बारे में जानिए

उत्तराखंड की पांच लोकसभा सीटों में से एक गढ़वाल सीट से वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी सांसद हैं।

नई दिल्ली। उत्तराखंड की पांच लोकसभा सीटों में से एक गढ़वाल सीट से वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी सांसद हैं। 1957 में हुए लोकसभा सीटों के परिसीमन के बाद गढ़वाल सीट अस्तित्व में आई। गढ़वाल लोकसभा सीट के अंतर्गत उत्तराखंड के पांच जिले चमोली, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, नैनीताल (कुछ हिस्सा) और टिहरी गढ़वाल (कुछ हिस्सा) आते हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा नेता भुवन चंद्र खंडूरी 184526 वोटों के भारी अंतर से कांग्रेस प्रत्याशी हरक सिंह रावत को हराकर यहां से सांसद चुने गए। इस चुनाव में भुवन चंद्र खंडूरी को 405690 और कांग्रेस उम्मीदवार हरक सिंह रावत को 221164 वोट मिले। इस सीट पर हुए मतदान में कुल पड़े 682024 वोटों में से 8659 वोट नोटा को गए। 2014 के लोकसभा चुनाव में यहां 56.62 फीसदी मतदान हुआ।

garhwal lok sabha

गढ़वाल लोकसभा सीट के अंतर्गत पांच जिलों की कुल 14 विधानसभा सीटें आती हैं। इनमें चमोली जिले की तीन विधानसभा सीटें- बद्रीनाथ, कर्णप्रयाग और थराली सीट, नैनीताल जिले की एक विधानसभा सीट- रामनगर, पौड़ी गढ़वाल जिले की 6 विधानसभा सीटें- चौबट्टाखाल, कोटद्वार, लैंड्सडाउन, पौड़ी, श्रीनगर और यमकेश्वर, रुद्रप्रयाग जिले की दो सीट- केदारनाथ व रुद्रप्रयाग विधानसभा सीट और टिहरी गढ़वाल जिले की दो सीटें- देवप्रयाग और नरेंद्र नगर शामिल हैं। गढ़वाल लोकसभा सीट पर कुल 1269083 मतदाता हैं, जिनमें से 652891 पुरुष और 616192 महिला वोटर हैं। कुल 1681825 की आबादी वाली इस लोकसभा सीट पर 83.64 फीसदी आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है, जबकि महज 16.36 फीसदी आबादी शहरी है। यहां की कुल आबादी में 18.76 फीसदी लोग अनुसूचित जाति के हैं, जबकि 1.13 फीसदी लोग अनुसूचित जनजाति से आते हैं।

मेजर जनरल के पद से रिटायर हैं खंडूरी

अब बात करते हैं गढ़वाल लोकसभा सीट से सांसद भुवन चंद्र खंडूरी के बारे में। अति विशिष्ट सेवा मेडल प्राप्त भुवन चंद्र खंडूरी भारतीय सेना से मेजर जनरल के पद से रिटायर हैं। खंडूरी 1954 से 1990 तक भारतीय सेना में रहे। खंडूरी 2007 से लेकर 2009 तक और 2011 से लेकर 2012 तक दो बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। इससे पहले अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में वो कैबिनेट मंत्री के तौर पर भूतल परिवहन मंत्रालय भी संभाल चुके हैं। खंडूरी सबसे पहले 1991 में गढ़वाल सीट से लोकसभा चुनाव जीते। साल 2000 से 2003 तक वो सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के तौर पर केंद्र सरकार में रहे। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में शुमार खंडूरी अलग-अलग संसदीय समितियों के सदस्य भी रह चुके हैं। 16वीं लोकसभा के सदस्य रहते हुए उन्होंने सदन में कुल 104 प्रश्न उठाए और 12 चर्चाओं में हिस्सा लिया। इस दौरान लोकसभा में उनकी उपस्थिति 92 फीसदी रही।

पांच जिलों को मिलाकर बनाई गई गढ़वाल सीट

गढ़वाल सीट पर नजर डालें तो पांच जिलों को मिलाकर बनाई गई इस लोकसभा में कई प्रसिद्ध तीर्थ स्थल आते हैं। सबसे पहले बात करते हैं चमोली जिले की, जहां विश्वप्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम स्थित है। बर्फ से ढके पर्वतों के बीच स्थित यह जिला काफी खूबसूरत है। चमोली अलकनंदा नदी के पास बद्रीनाथ मार्ग पर बसा हुआ है। गढवाल लोकसभा सीट में शामिल रुदप्रयाग जिला भी अपने धार्मिक महत्व के कारण काफी चर्चित है। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा तथा मंदाकिनी नदियों का संगमस्थल है। यहां से अलकनंदा नदी देवप्रयाग में जाकर भागीरथी से मिलती है और गंगा नदी का निर्माण करती है। प्रसिद्ध धार्मिक स्थल केदारनाथ धाम रुद्रप्रयाग से 86 किलोमीटर दूर स्थित है। केदारनाथ के अलावा रुद्रप्रयाग में अगस्त्यमुनि, गुप्तकाशी, सोनप्रयाग, खिरसू, गौरीकुंड, दिओरिया ताल और चोपता जैसे प्रमुख पर्यटक स्थल हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+