लोकसभा चुनाव 2019: जानिए कर्नाटक की दावनगिरी सीट के बारे में
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव बिल्कुल सिर पर है और सांसदों के प्रोफाइल की अगली कड़ी में कर्नाटक राज्य के बिल्कुल मध्य में स्थित दावनगिरी संसदीय सीट के बारे में बात करे तो यहां से फिलहाल बीजेपी के जीएम सिद्धेश्वर सांसद हैं। सिद्धेश्वर 2009 से लगातार जीतते हुए आ रहे हैं और कर्नाटक में इस सीट पर बीजेपी की अच्छी पकड़ मानी जाती है। गाउदारा मल्लिकार्जुनप्पा सिद्धेश्वर, जिन्हें लोग जीएम सिद्धेश्वर के नाम से जानते हैं। कर्नाटक की दावनगिरी निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाली सिद्धेश्वर 16वीं लोकसभा के सदस्य हैं। उन्होंने 14वीं और 15वीं लोकसभा में दावनगिरी संविधान सभा का प्रतिनिधित्व किया था। मोदी सरकार में सिद्धेश्वर मंत्री भी रह चुके हैं। राजनीति में आने से पहले सिद्धेश्वर का ताल्लुक संघ से था। कर्नाटक में कद्दावर नेता के रूप में पहचाने जाने वाले और भारतीय जनता पार्टी के एक सक्रिय सदस्य होने के नाते, सिद्धेश्वर कर्नाटक राज्य के उपाध्यक्ष के रूप में काम कर चुके हैं। मोदी सरकार में नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री और भारी उद्योग व सार्वजनिक उद्यम राज्य मंत्री के रूप में काम कर चुके सिद्धेश्वर स्वयं एक राजनीतिक पृष्ठभूमि से आते हैं।

कर्नाटक के मैनचेस्टर कहे जाने वाले दावनगिरी की राज्य का छठा सबसे बड़ा शहर है। शहर का व्यावसायिक उद्यम अब शिक्षा और कृषि-प्रसंस्करण उद्योगों पर हावी है। दावानगिरी को पीएम नरेंद्र मोदी के महत्वाकांक्षी प्रमुख स्मार्ट सिटीज मिशन के तहत स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित होने वाले 100 भारतीय शहरों में से एक के रूप में चुना गया है। यहां तक कि शहरी विकास मंत्रालय द्वारा मिशन के तहत विकसित किए जाने वाले टॉप 20 शहरों की सूची में दावनगिरी का नाम शामिल है।
अब अगर कर्नाटक के दावनगिरी संसदीय सीट की बात की जाए तो यहां से भी बीजेपी शुरू से ही मजबूत स्थिति में रही है। 2009 से इस सीट पर बीजेपी का कब्जा है और यहां से सिद्धेश्वर लगातार जीतते हुए आ रहे हैं। इस सीट से बीजेपी के 100 फीसदी जीतने के चांसेज रहते हैं। दावनगिरी संसदीय सीट की आबादी 19,45,497 हैं, जिसमें से ज्यादातर लोग ग्रामीण इलाकों में रहते हैं। दावनगिरी के करीब 68 फीसदी लोग ग्रामीण इलाकों में रहते हैं और 32.33 फीसदी लोग शहरों में रह रहे हैं। इसके अलावा वर्ग के आधार पर देखे तो दावनगिरी में 20.18 फीसदी से कम अनुसूचित जाति के लोग है और 11.98 फीसदी अनुसूचित जनजाति के लोग है।
अब अगर में संसद में दावनगिरी के सांसद के प्रदर्शन की बात की जाए तो वह अच्छा रहा है। दावनगिरी के सांसद सिद्धेश्वर ने संसद में 60 फीसदी हाजिरी लगाई हैं। वहीं, संसद में करीब 220 सवाल पूछ चुके हैं। हालांकि, बीजेपी नेता सिद्धेश्वर ने सिर्फ दो डिबेट में ही हिस्सा लिया हैं। इस सीट पर अगर वोटिंग टर्नआउट की बात करे तो 2014 में 73 फीसदी लोगों ने वोट किया था। पिछले लोकसभा चुनाव में दावनगिरी सीट पर कुल 11,14,868 लोगों ने वोट किया था, जिसमें से 5,33,576 महिलाओं और 5,81,292 पुरुषों ने वोट किया था।












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