लोकसभा चुनाव 2019: अल्मोड़ा लोकसभा सीट के बारे में जानिए
अल्मोड़ा लोकसभा सीट के राजनीतिक समीकरणों की विस्तार से जानकारी।
नई दिल्ली। उत्तराखंड की पांच लोकसभा सीटों में से एक अल्मोड़ा सीट से वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के नेता अजय टमटा सांसद हैं। 1957 में हुए लोकसभा सीटों के परिसीमन के बाद अल्मोड़ा सीट अस्तित्व में आई। अल्मोड़ा लोकसभा सीट में चार जिले अल्मोड़ा, बागेश्वर, चंपावत और पिथौरागढ़ शामिल हैं। साल 2009 से यह लोकसभा सीट अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित है। भाजपा उम्मीदवार अजय टमटा ने 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी प्रदीप टमटा को 95690 वोटों के अंतर से हराकर यहां जीत हासिल की। 2014 में अजय टमटा को कुल 348186 वोट मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी प्रदीप टमटा 252496 वोट पाकर दूसरे स्थान पर रहे। इस चुनाव में बसपा, सपा, आप समेत कई पार्टियों के कुल 9 उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरे थे। अल्मोड़ा सीट पर डाले गए कुल 656525 वोटों में से 15245 वोट नोटा को गए।

वर्तमान में अल्मोड़ा लोकसभा सीट के अंतर्गत चार जिलों की कुल 14 विधानसभा सीटें आती हैं। जिनमें अल्मोड़ा जिले की 6 विधानसभा सीटें- अल्मोड़ा, द्वारहाट, जोगेश्वर, रानीखेत, साल्ट और सोमेश्वर, बागेश्वर जिले की 2 विधानसभा सीटें- बागेश्वर और कपकोट, चंपावत जिले की 2 विधानसभा सीटें- चंपावत व लोहाघाट और पिथौरागढ़ जिले की 4 विधानसभा सीटें- धारचूला, डीडीहाट, गंगोलीहाट और पिथौरागढ़ शामिल हैं। इनमें से तीन विधानसभा सीटें सोमेश्वर, बागेश्वर और गंगोलीहाट अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हैं। अल्मोड़ा लोकसभा सीट पर कुल 1254328 मतदाता हैं, जिनमें से 640059 पुरुष और 614269 महिला वोटर हैं। कुल 1625491 की आबादी वाली इस लोकसभा सीट में 88.97 फीसदी आबादी ग्रामीण क्षेत्र में रहती है, जबकि महज 11.03 फीसदी ही आबादी शहरी क्षेत्र में रहती है। अल्मोड़ा लोकसभा सीट पर 24.04 फीसदी आबादी अनुसूचित जाति की है, जबकि 1.48 फीसदी लोग अनुसूचित जनजाति से आते हैं।
केंद्र सरकार में मंत्री हैं टमटा
अब बात करते हैं अल्मोड़ा लोकसभा सीट से सांसद अजय टमटा के बारे में। अल्मोड़ा सीट से लोकसभा सांसद अजय टमटा वर्तमान में केंद्र सरकार में कपड़ा राज्य मंत्री हैं। इससे पहले साल 2012 में हुए उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में वो अल्मोड़ा जिले की सोमेश्वर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर विधायक चुने गए थे। 2009 में भी अजय टमटा अल्मोड़ा लोकसभा सीट से चुनाव लड़े थे, लेकिन उन्हें महज 6523 वोटों के अंतर से कांग्रेस प्रत्याशी प्रदीप टमटा के हाथों हार का सामना करना पड़ा। 2009 के लोकसभा चुनाव में अजय टमटा को 195705 वोट मिले, जबकि प्रदीप टमटा को 202228 वोट मिले। 16वीं लोकसभा के सदस्य के तौर पर अजय टमटा ने सदन में कुल 69 सवाल पूछे और लोकसभा में उनकी उपस्थिति 94 फीसदी रही। अजय टमटा ने लोकसभा की केवल 16 चर्चाओं में ही हिस्सा लिया।
अल्मोड़ा सीट में शामिल चारों जिलों का अलग महत्व
अल्मोड़ा लोकसभा सीट में शामिल चारों जिले अपनी सांस्कृतिक विरासत और ठेठ पहाड़ी सभ्यता के लिए जाने जाते हैं। इनमें से अल्मोड़ा जिला उत्तराखंड राज्य के कुमाऊं मंडल के तहत आता है। अल्मोड़ा अपनी हस्तकला और खानपान को लेकर पर्यटकों के बीच काफी प्रसिद्ध है। वहीं, चंपावत भी उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों की पसंदीदा जगहों में से एक है। ऊंचे पहाड़ों और मैदानों के बीच से होकर बहती नदियां इस जिले की खूबसूरती में चार चांद लगा देती हैं। अल्मोड़ा लोकसभा में आने वाला तीसरा जिला बागेश्वर अपने धार्मिक स्थलों और प्राकृतिक नजारों के कारण काफी चर्चित है। रुद्रप्रयाग और चंपावत के बाद उत्तराखंड का तीसरा सबसे कम जनसंख्या वाला जिला बागेश्वर ही है। यहां बागनाथ मंदिर, कौसानी, बैजनाथ और विजयपुर प्रमुख पर्यटन स्थल हैं। इनके अलावा चौथे जिले के तौर पर शामिल पिथौरागढ़ अपने ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है। लोगों का मानना है कि यहां पृथ्वीराज चौहान की राजधानी थी और उन्हीं के नाम से इस जगह का नाम पिथौरागढ़ पड़ा।












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