लोकसभा चुनाव 2019: मुंबई दक्षिण लोकसभा सीट के बारे में जानिए
नई दिल्ली: महाराष्ट्र की मुंबई दक्षिण लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद शिवसेना के अरविंद सांवत हैं। उन्होंने साल 2014 के चुनाव में इस सीट पर मिलिंद मुरली देवड़ा को 128, 148 वोटों से हराया था। इस साल यहां अरविंद सांवत को 37,47,80 वोट मिले थे तो वहीं पर मिलिंद मुरली देवड़ा को 24,66, 32 वोटों पर संतोष करना पड़ा था। मुंबई महानगरी को महाराष्ट्र राज्य की राजधानी होने के साथ साथ भारत की आर्थिक राजधानी होने का भी गौरव प्राप्त है। मुंबई शहर में सभी धर्म एंव समुदाय के लोगो के बसने की वजह से इसे लघु भारत भी कहते हैं। मुंबई के प्राचीन इतिहास के संकेत 250 ईसवी पूर्व तक मिलते है। आपको जानकर हैरत होगी कि एक समय में मुंबई इंगलैंड के द्वितीय प्रिंस चार्ल्स को दहेज के रूप में दिया गया था। मुंबई दुनिया के टॉप 10 व्यापारिक केंद्रो में गिना जाता है और यहां का छत्रपति शिवाजी रेलवे स्टेशन भारत का सबसे पहला रेलवे स्टेशन है, बहुत सारी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक बातों अपने आंचल में संजोए मुंबई दक्षिण की जनसंख्या 19,68,521 है, जिसमें से मात्र प्रतिशत लोग sc वर्ग के हैं।

मुंबई दक्षिण लोकसभा सीट का इतिहास
मुंबई दक्षिण संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत 6 विधानसभा सीटें आती हैं, आजादी के बाद पहले तीन लोक सभा चुनाव यहां से कांग्रेस के सदाशिव पाटील जीते थे, 1967 के चुनाव में समयुक्ता सोशलिस्ट पार्टी के टिकट पर देश के पूर्व रक्षा मंत्री जार्ज फर्नांडिस और 1971 में उन्हें हराकर कांग्रेस के कैलाश नारायण नरूला निर्वाचित हुए थे, 1977 और 1980 का चुनाव जनता पार्टी के रतन सिंह राजदा ने जीता था, उसके बाद के तीन लगातार चुनाव यहां पर कांग्रेस के लिए फंड इकट्ठा करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले मुरली देवड़ा जीते, जो बाद में मनमोहन सरकार में पेट्रोलियम मंत्री भी बने, 1984 में उन्होंने भाजपा टिकट पर उतरी जयवंती बेन मेहता को हराया और मेहता ने इसका बदला उनसे 1996 में लिया था, दोनों के बीच संघर्ष अगले 3 चुनाव में भी चला, 1998 में मुरली जीते, जबकि 1999 में जयवंती बेन और फिर 2004 में मिलिंद देवड़ा ने जयवंतीबेन से कांग्रेस की हार का बदला लिया था।
2009 के चुनाव में मिलिंद के सामने दूसरे स्थान पर राज ठाकरे के उम्मीदवार बाला नांदगांवकर थे और शिवसेना के 5 बार के सांसद मोहन रावले तीसरे स्थान पर चले गए थे. लेकिन साल 2014 में मोदी लहर के दौरान यहां शिवसेना के अरविंद सावंत 48% वोट लेकर जीत गए और नांदगांवकर 10.87% वोट लेकर तीसरे स्थान पर चले गए और मिलिंद देवड़ा को 31 प्रतिशत वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहना पड़ा था, जबकि आम आदमी पार्टी की ओर से मैदान में उतरीं बैंकर मीरा सान्याल महज 5.17% वोट लेकर चौथे नंबर पर थी।
गौरतलब है कि मुंबई में देवड़ा पिता और पुत्र दोनों को जिताने वाली इस लोकसभा सीट पर देश के सबसे अमीर उद्योगपति और फिल्म सहित विभिन्न क्षेत्रों के सितारे रहते हैं, वैसे इस सीट का मिजाज कई बार सबको चौंकाने वाला रहा है, 1967 के चुनाव में युवा जॉर्ज फर्नांडीस ने मुंबई के बेताज बादशाह माने जाने वाले कांग्रेस के धुरंधर नेता सदाशिव कानोजी यानि एसके पाटिल को 29000 वोटों से हरा दिया था और उसके अगले ही चुनाव में जॉर्ज फर्नांडीस महज 10% वोट पाकर दूसरे स्थान पर रहने वाले उद्योगपति नवल टाटा से भी पिछड़ गए थे तो वहीं साल 2014 का चुनाव में भी सावंत ने कुछ ऐसी ही जीत दर्ज की थी। कहा जाता है कि जिसने मुंबई की नब्ज ठीक से पकड़ ली, वह पूरे देश में चल रही हवा को आसानी से समझ सकता है, देखते हैं कि इस बार इस सीट की नब्ज पकड़ने का अधिकार किसके पास आता है, चलते-चलते आपको यहां ये भी बता दें कि साल 2014 का लोकसभा चुनाव शिवसेना और बीजेपी ने साथ मिलकर लड़ा था।
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