लोकसभा चुनाव 2019: जयपुर लोकसभा सीट के बारे में जानिए
नई दिल्ली: जयपुर लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद भाजपा के रामचरण बोहरा हैं। उन्होंने साल 2014 के लोकसभा चुनाव में इस सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व सांसद डॉ महेश जोशी को 5 लाख से भी अधिक मतों से हराया था। साल 2014 के चुनाव में इस सीट पर नंबर 2 पर कांग्रेस और नंबर 3 पर आप थी। गुलाबी नगरी से विख्यात जयपुर राजस्थान की राजधानी ही नहीं बल्कि शान है, करोड़ों पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र इस शहर की स्थापना 1728 में आमेर के महाराजा जयसिंह द्वितीय ने की थी। जयपुर अपनी समृद्ध भवन निर्माण-परंपरा, सरस-संस्कृति और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। जयपुर भारत के टूरिस्ट सर्किट गोल्डन ट्रायंगल (India's Golden Triangle) का हिस्सा भी है। जयपुर को विश्व के दस सबसे खूबसूरत शहरों में शामिल किया जा चुका है। दाल-बाटी-चूरमा जैसे पांरपरिक भोजन के लिए पूरी दुनिया में मशहूर जयपुर की जनसंख्या 32 लाख 76 हजार 861 है, जिसमें से 94 प्रतिशत जनसंख्या शहरों में और 5 प्रतिशत आबादी गांवों में निवास करती है।

जयपुर लोकसभा सीट का इतिहास
साल 1952 में यहां पहली बार आम चुनाव हुए जिसे कि कांग्रेस ने जीता था, 1957 में इस सीट पर निर्दलीय नेता हरीशचन्द्र शर्मा ने विजय हासिल की जबकि 1962 का चुनाव महारानी गायत्री देवी ने स्वंतत्र पार्टी के टिकट पर यहां जीता। गायत्री देवी इस सीट पर लगातार तीन बार सांसद चुनी गईं। साल 1977 का चुनाव यहां पर जनता पार्टी ने जीता और सतीश अग्रवाल यहां के सांसद बने। साल 1980 में एक बार फिर से यहां सतीश अग्रवाल जीते लेकिन इस बार उन्होंने भाजपा के टिकट पर यहां जीत दर्ज की। 1984 ,के चुनाव में यहां पर कांग्रेस की वापसी हुई लेकिन 1989 का चुनाव भारतीय जनता पार्टी ने जीत लिया और गिरधारीलाल भार्गव यहां से एमपी चुने गए, उन्होंने लगातार यहां पर 6 बार जीत दर्ज की, उनके विजय अभियान को रोका कांग्रेस के डॉ. महेश जोशी ने साल 2009 के चुनाव में लेकिन साल 2014 के चुनाव में एक बार फिर से इस सीट की बागडोर बीजेपी के हाथ में आ गई और रामचरण बोहरा यहां से जीतकर लोकसभा पहुंचे।
रामचरण बोहरा का लोकसभा में प्रदर्शन
दिसंबर 2018 की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 5 सालों के दौरान लोकसभा में रामचरण बोहरा की उपस्थिति 88 प्रतिशत रही। इस दौरान उन्होंने 111 डिबेट में हिस्सा लिया और 309 प्रश्न पूछे हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव में इस सीट पर कुल वोटरों की संख्या 19 लाख 57 हजार 818 थी, जिसमें से मात्र 12 लाख 96 हजार 806 ने अपने मतों का प्रयोग किया। इसमें वोट देने वाले पुरुषों की संख्या 7,16,874 और महिलाओं की संख्या 5,79,932 थी। जयपुर में 87 प्रतिशत हिंदू और 10 प्रतिशत मु्स्लिम आबादी है।
जयपुर में ब्राह्मण वोटों का बोलबाला रहा है और इसी वजह से यहां पर ब्राह्मण प्रत्याशियों को ही सफलता मिली है और कांग्रेस हो या भाजपा दोनों ने ही यहां जातिगत समीकरणों का फायदा उठाने की कोशिश की है लेकिन विकास के नाम पर वोट मांगने वाली बीजेपी का ये दांव इस बार भी यहां सफल होगा या फिर कांग्रेस अपनी हार का यहां बदला लेगी, ये एक देखने वाली बात होगी, कुल मिलाकर इस बार जयपुर सीट पर रोमांचक मुकाबला देखने को मिलेगा, इसमें कोई शक नहीं।












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