लोकसभा चुनाव 2019: गुरुग्राम लोकसभा सीट के बारे में जानिए
नई दिल्ली: हरियाणा की गुरुग्राम लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के इंद्रजीत सिंह राव हैं। गुरुग्राम लोकसभा सीट को गुड़गाव लोकसभा सीट के नाम से जाना जाता है। इंदरजीत सिंह ने 2014 के आम चुनाव में इंडियन नेशनल लोक दल के जाकिर हुसैन को 274,722 वोटों के मार्जिन से हराया। इंद्रजीत 2014 के लोकसभा चुनाव में चौथी बार सांसद चुने गये। गुरुग्राम से लगातार दो बार चुने जाने वाले इंद्रजीत भारतीय जनता पार्टी से पहले कांग्रेस में थे। 2009 में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर जीत दर्ज की थी। और उससे पहले दो बार यानी 1998 और 2004 में कांग्रेस के टिकट पर ही वे महेंद्रगढ़ से सांसद बने थे। फिलहाल महेंद्रगढ़ सीट अब भिवानी से मिला दी गई है।

साल 1970 में गुड़गांव मारुति उद्योग लिमिटेड ने अपना प्लांट यहां पर स्थापित किया। देखते ही देखते यह शहर एक इंडस्ट्रियल हब बन गया और देश की हर बड़ी कंपनी ने यहां पर अपने ऑफिस खोल दिये। एक रिपोर्ट के अनुसार दुनिया की फॉच्यून 500 कंपनियों में से 250 कंपनियों के ऑफिस गुरुग्राम में हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि पूरा का पूरा संसदीय क्षेत्र ऊंची-ऊंची इमारतों से भरा पड़ा है। सही मायने में यहां के 56.68 फीसदी लोग ग्रामीण इलाकों में रहते हैं, जबकि 43.32 प्रतिशत शहरी इलाकों में। गुरुग्राम संसदीय क्षेत्र की कुल आबादी 3,208,377 है। वहीं अगर मतदाताओं की करें तो 2014 में यहां 1,845,623 लोगों का नाम मतदाता सूची में था। जिनमें से 9.8 लाख पुरुष और 8.6 लाख महिलाएं शामिल थीं। इनमें से कुल 72 फीसदी लोगों ने मतदान किया।
पिछली बार इंदरजीत सिंह के वोट शेयर में करीब 32 फीसदी का इजाफा हुआ था। और तो और आईएनएलडी का वोटशेयर भी करीब 21 फीसदी बढ़ा था। लेकिन कांग्रेस के वोटशेयर को करारी चोट पहुंची थी। इस बार कांग्रेस उसी चोट के घाव पर अच्छी तरह मरहम पट्टी की तैयारी में है। और गुरुग्राम पहले आईएनएलडी का गढ़ रहा है। इसलिये उसका वोट बैंक भी मजबूत हो सकता है। यानी कुल मिलाकर यहां पर त्रिकोणीय मुकाबला दिखाई दे रहा है। खैर मुकाबला जैसा भी हो, दिलचस्प जरूर रहेगा क्योंकि गुरुग्राम की मतदाता सूची में हर वर्ग के लोगों का बराबर अनुपात है। इसलिये यह कहना कि किसान वोट जिधर होगा, उसी को गुरुग्राम मिलेगा, कहना गलत होगा। और न ही मीडियम और अपर क्लास के लोगों के हाथ में सबकुछ है। अब देखना है कि जनता किसे 2019 में चुनती है।












Click it and Unblock the Notifications