अंतर्राष्ट्रीय संबंधों को लेकर बोले PM मोदी, कहा-'विश्वास और विश्वसनीयता पर आधारित भारत के रिश्ते'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि भारत अपने अंतरराष्ट्रीय संबंधों में विश्वास और विश्वसनीयता को प्राथमिकता देता है और दुनिया अब इसे स्वीकार कर रही है। एक निजी चैनल के समिट में अपने संबोधन के दौरान मोदी ने यह टिप्पणी ऐसे समय में की जब भारत और कनाडा के बीच राजनयिक तनाव बढ़ रहा है। हाल ही में भारत ने अपने उच्चायुक्त सहित छह राजनयिकों को वापस बुलाया और उतने ही कनाडाई राजनयिकों को निष्कासित कर दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में भले ही कनाडा के साथ चल रहे विवाद को सीधे तौर पर संबोधित नहीं किया। लेकिन इस विवाद के पीछे का कारण कनाडा द्वारा भारत पर लगाए गए आरोप हैं। कनाडा का दावा है कि एक कट्टरपंथी खालिस्तानी कार्यकर्ता की हत्या में भारत की संलिप्तता है। जो कनाडा का नागरिक था। हालांकि भारत ने इन आरोपों का सख्ती से खंडन करते हुए कहा कि कनाडा द्वारा अपने दावों का समर्थन करने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं दिया गया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत ली गई मान्यता पर आधारित संबंध नहीं बनाता है। हमारे रिश्ते विश्वास और विश्वसनीयता पर आधारित होते हैं और दुनिया भी इसे समझने लगी है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की प्रगति का वैश्विक स्तर पर स्वागत किया जा रहा है। जिसका उदाहरण चंद्रयान मिशन की सफलता है। जिसे दुनिया भर में सराहा गया है।
भारत की प्रगति और वैश्विक सहयोग
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि भारत का विकास किसी के लिए ईर्ष्या का कारण नहीं बनता। क्योंकि यह वैश्विक समुदाय के लिए लाभकारी है। उन्होंने देश में बुनियादी ढांचे, डिजिटल प्रौद्योगिकी और अनुसंधान गुणवत्ता में हो रही प्रगति को भारत के प्रति बढ़ते अंतरराष्ट्रीय विश्वास का कारण बताया।
मोदी ने कोविड-19 महामारी के दौरान भारत की भूमिका को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि इस दौरान भारत ने एक विश्वसनीय सहयोगी के रूप में मानवीय प्रयासों में योगदान दिया। न कि सिर्फ वित्तीय लाभ के लिए। भारत ने दवाइयाँ और टीके मुहैया कराए। जो मानवता के प्रति चिंता का प्रदर्शन था। प्रधानमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि भारत इन आपूर्ति से बड़ा आर्थिक लाभ कमा सकता था। लेकिन उसने मानवता को प्राथमिकता देना चुना।
भविष्य के लिए भारत का नेतृत्व
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत विभिन्न क्षेत्रों में भविष्य को आकार देने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि यह नेतृत्व वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त है। जो विश्व मंच पर भारत की एक विश्वसनीय और महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में स्थिति को और भी मजबूत कर रहा है।
भारत का यह रुख न केवल वैश्विक कल्याण को प्राथमिकता देता है। बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मजबूत और विश्वासपूर्ण संबंध भी बनाता है। जैसे-जैसे देश अपने विकास और मानवीय प्रयासों में अग्रसर हो रहा है। यह स्पष्ट है कि भारत वैश्विक नेतृत्व के लिए तैयार है।












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